पर्यावरण संरक्षण का भी काम करेंगे बस्तर के विद्यार्थी

0 पेड़ लगाने, कचरा प्रबंधन की पहल 
जगदलपुर। मिशन लाइफ आधारित इको क्लब, पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी एवं सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय इको क्लब प्रशिक्षण कार्यक्रम का एक दिवसीय आयोजन जगतू माहारा शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जगदलपुर में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल एवं जिला मिशन समन्वयक अशोक पांडे के मार्गदर्शन तथा पर्यावरण संरक्षण मंडल के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल रहे। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों एवं जनमानस में पर्यावरणीय संवेदनशीलता, सतत जीवनशैली तथा पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे इको क्लब की गतिविधियों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी रूप से संचालित करते हुए विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ें। कार्यक्रम में जयनारायण पाणिग्रही ने इको क्लब गतिविधियों को जिले में सुचारू रूप से संचालित करने तथा पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

प्रशिक्षण के दौरान जी. सुभद्रा राव ने इको क्लब के उद्देश्य एवं भूमिका, मनीष कुमार अहीर ने मिलेट्स आधारित खाद्य पदार्थ एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता, चंद्रकांत देशमुख ने प्लास्टिक के उपयोग एवं उसके विकल्प, तथा नंदकुमार पटेल ने पर्यावरण संरक्षण के प्रभाव एवं महत्व पर प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण प्रभारी दीप्ति ठाकुर ने संपूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा एवं अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। वहीं पर्यावरण संरक्षण मंडल रायपुर से नितिन ने संबंधित पोर्टल पर लॉगिन एवं गतिविधियों की ऑनलाइन प्रविष्टि की प्रक्रिया की जानकारी दी।
प्रशिक्षण में बस्तर जिले के लगभग 40 शिक्षकों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन मनीष कुमार अहीर ने किया। कार्यशाला का समापन इको क्लब–एक पेड़ मां के नाम की प्रेरणा एवं पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर निर्णय लिया गया कि जिले के सभी विद्यालयों में इको क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों को जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक के विकल्प, मिलेट्स, वृक्षारोपण एवं सतत जीवनशैली से संबंधित गतिविधियां निरंतर संचालित की जाएंगी।