रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल में कोंडागांव स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा हुई। भाजपा विधायक लता उसेंडी ने विश्वविद्यालय में बीएड और डीएड पाठ्यक्रम शुरू नहीं होने, रिक्त पदों पर भर्ती और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में बताया कि विश्वविद्यालय में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और वर्तमान भर्ती प्रक्रिया को लेकर किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
विधायक लता उसेंडी ने सवाल उठाया कि जब सरकार विश्वविद्यालय के विकास की बात कर रही है, तब भी वहां बीएड और डीएड की पढ़ाई शुरू क्यों नहीं हो सकी है। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में फिलहाल नए बीएड और डीएड पाठ्यक्रम प्रारंभ नहीं किए गए हैं। नई शिक्षा नीति-2020 के तहत इन पाठ्यक्रमों को चार वर्षीय स्वरूप में संचालित किया जाना है और इसी दिशा में तैयारी की जा रही है।
लता उसेंडी ने यह भी पूछा कि क्या राष्ट्रीय शिक्षा नीति महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में लागू की गई है। जवाब में मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में लागू है और महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय भी इसका हिस्सा है।
हालांकि विधायक उसेंडी ने दावा किया कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन अभी धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। इस पर मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान में नया सांख्यिकी विभाग शुरू किया जा रहा है और विश्वविद्यालय ने आईआईटी तथा आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग के लिए एमओयू भी किए हैं।
विश्वविद्यालय में रिक्त पदों का मुद्दा भी सदन में प्रमुखता से उठा। विधायक उसेंडी ने कहा कि विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया और उसकी जांच से जुड़े तथ्यों की भी जानकारी मांगी।
मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय में कुल 31 विभाग स्वीकृत हैं, जिनमें से अभी पांच विभाग शुरू नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि 146 स्वीकृत पदों के विरुद्ध 113 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। पूर्व में भर्ती संबंधी शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट राज्यपाल को भेजी गई थी, जिसमें शिकायतें निराधार पाई गईं और उनका निराकरण कर दिया गया।
इसी दौरान भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भी नई शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय बीएड और डीएड पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी पर सरकार से सवाल किया। इस पर मंत्री टंकराम वर्मा ने स्वीकार किया कि प्रदेश के कई महाविद्यालय अभी आवश्यक मानकों को पूरा नहीं करते। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के अनुरूप व्यवस्था विकसित करने और चार वर्षीय शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम लागू करने के लिए राज्य सरकार ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जो अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी। इसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।