० पीएम मोदी की गारंटी पूरी करे सरकार : शंकर साहू
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षकों की 7 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर 15 जुलाई के आंदोलन को अब शिक्षकों का व्यापक समर्थन मिलने लगा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन ने छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के आंदोलन को खुला समर्थन देने की घोषणा की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शंकर साहू ने कहा है कि अब शिक्षकों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ी तो आगे भी व्यापक आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा।प्रदेश अध्यक्ष शंकर साहू, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र देवदास, दीपक प्रकाश, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमचंद सोनवानी, आनंद साहू, भुनेश्वरी सहारे, प्रदेश सचिव- अशोक कुमार तेता, प्रदेश महासचिव रत्नाकर खूंटिया, रामाधार नायक, भूपेंद्र कुमार साहू, अनुपमा सोनी, प्रदेश प्रभारी महामंत्री जितेंद्र कुमार साहू, प्रदेश कोषाध्यक्ष तेजराम कामड़िया सहित अन्य प्रदेश पदाधिकारियों ने राज्य भर के शिक्षक एलबी संवर्ग से 15 जुलाई को रायपुर में आयोजित विशाल धरना प्रदर्शन व विधानसभा घेराव में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि वीएसके ऐप अव्यवहारिक है। प्रदेश के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र के स्कूलों में मोबाइल नेटवर्क सही तरीके से उपलब्ध नहीं है जबकि शिक्षकों से वीएसके एप के माध्यम से नियमित उपस्थिति दर्ज करने की अपेक्षा की जा रही है। कई बार तकनीकी खामियों के कारण शिक्षकों को मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है इसलिए इस व्यवस्था को तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए। संगठन ने शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता पर भी सवाल उठाया है। पदाधिकारियों का कहना है कि 20 से 25 वर्ष तक सफलतापूर्वक सेवा देने वाले कर्मचारियों को दोबारा परीक्षा देने के लिए बाध्य करना न्याय के सिद्धांत के विपरीत है, उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस संबंध में आवश्यक संशोधन करते हुए निर्णय वापस लेने की मांग की है। संगठन के प्रदेश, जिला व ब्लॉक पदाधिकारी ने कहा है कि प्रदेश के सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति का मामला लंबे समय से लंबित है इसके साथ ही शिक्षक एलबी संवर्ग को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना के आधार पर क्रमोन्नत वेतनमान, पुरानी पेंशन योजना का लाभ तथा अन्य सभी सेवा संबंधी लाभ दिए जाने चाहिए, उनका कहना है कि इन मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे शिक्षकों में सरकार के प्रति लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शिक्षक नेताओं ने यह भी कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में शिक्षकों और कर्मचारियों से कई महत्वपूर्ण वादे किए थे, सरकार के गठन के करीब ढाई वर्ष बाद भी प्रमुख मांगे पूरी नहीं हुई है इसके विपरीत शिक्षकों पर लगातार नित नए नियम और ऑनलाइन कार्यों का बोझ बढ़ाया जा रहा है। शिक्षकों को वर्तमान में 27 से अधिक मोबाइल एप पर कार्य करना पड़ रहा है जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। छग प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन ने इन्हीं 7 सूत्रीय मांगों और समस्याओं के समाधान के लिए 15 जुलाई को रायपुर के तूता मैदान में आयोजित फेडरेशन के आंदोलन को पूर्ण समर्थन किया है। फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष शंकर साहू ने प्रदेश के सभी शिक्षक एलबी संवर्ग से अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत बनाने के लिए आंदोलन में शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष शंकर साहू, प्रदेश संरक्षक अनिल कुमार रामटेके, रेखराज साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद कुमार साहू, प्रेमचंद सोनवानी, भुनेश्वरी सहारे, प्रदेश सचिव अशोक कुमार तेता, प्रदेश प्रभारी महामंत्री जितेंद्र कुमार साहू, महिला प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक हीना कश्यप, प्रदेश प्रवक्ता हेमलता बढ़ाई, प्रदेश महासचिव रत्नाकर खूंटिया, रामाधार नायक, भूपेंद्र कुमार साहू, अनुपमा सोनी, प्रदेश संगठन मंत्री अश्वनी कुमार देशलहरे, गायत्री चनाप, प्रदेश संयुक्त महामंत्री मितेंद्र कुमार बघेल, प्रदेश महामंत्री लीलाधर कोलियारे,कीर्तन मंडावी, ब्यास नारायण सोरी, जशपुर जिला अध्यक्ष व संभाग प्रभारी महेश कुमार यादव, मुंगेली जिला अध्यक्ष राजकुमार धृतलहरे, दुर्ग जिला अध्यक्ष अनिल कुमार ठाकुर, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिला अध्यक्ष राजकुमार सरजारे, कोंडागांव जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार बेर, बस्तर जिला अध्यक्ष नीरज कुमार गौर सहित समस्त प्रदेश, जिला व ब्लाक पदाधिकारी ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर छत्तीसगढ़ प्रदेश भर के समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग से छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के धरना-प्रदर्शन आंदोलन कर विधानसभा घेराव में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।