0 उठाई नई भर्ती जल्द शुरू करने की मांग
बचेली। एनएमडीसी बचेली परियोजना में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति और निजी कंपनियों की बसों के संचालन के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक) ने दोनों निर्णयों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

यूनियन अध्यक्ष चंद्र कुमार मंडावी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने महाप्रबंधक (मानव संसाधन) को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।इंटक का आरोप है कि परियोजना में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति की प्रक्रिया को बिना पर्याप्त पारदर्शिता के आगे बढ़ाया जा रहा है। यूनियन ने कहा कि पूर्व में भी इस तरह की जानकारी सामने आने पर संगठन ने इसका विरोध किया था, जिसके बाद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई थी। यूनियन का तर्क है कि यदि परियोजना में वास्तव में कर्मचारियों की कमी है तो हजारों बेरोजगार युवाओं से आवेदन लेने के बाद लंबित भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया जाना चाहिए।यूनियन ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति से स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने में बाधा आएगी। इसके अलावा वर्तमान कर्मचारियों की पदोन्नति और अन्य सेवा लाभ के अवसर भी प्रभावित होने की आशंका है। इंटक ने एल-1 एवं एल-2 के रिक्त पदों पर नियमित भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग की है।
बसों की आउटसोर्सिंग पर सवाल
परियोजना में बसों के संचालन को लेकर भी इंटक ने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। यूनियन के मुताबिक परियोजना में प्रतिदिन करीब 10 बसों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में 21 बसें उपलब्ध हैं। इसके बावजूद निजी कंपनी की दो बसों के संचालन के लिए वर्क ऑर्डर जारी किया गया है। इंटक ने सवाल उठाया कि जब परियोजना में आवश्यकता से अधिक बसें उपलब्ध हैं, तो निजी बसों को संचालन में शामिल करने की जरूरत क्यों पड़ रही है? यूनियन ने आरोप लगाया कि निजी बसों के लिए जल्दबाजी में वर्क ऑर्डर जारी किए जाने और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी कई सवाल खड़े होते हैं।यूनियन ने प्रबंधन से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने, एल-1 एवं एल-2 के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा निजी बसों के संचालन से संबंधित वर्क ऑर्डर को निरस्त करने की मांग की है।
किरंदुल में भी ऎसी हलचल
सूत्रों के अनुसार, 1 सितंबर से बचेली के साथ-साथ किरंदुल परियोजना में भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति किए जाने की तैयारी है। इंटक के विरोध के बाद अब इस मुद्दे पर बेरोजगार युवाओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर भी नजरें टिक गई हैं। आने वाले दिनों में यह मामला और गरमाने की संभावना जताई जा रही है।