राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की 100वीं बैठक संपन्न, छत्तीसगढ़ के व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि हुए शामिल

रायपुर। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड द्वारा व्यापारियों के साथ नियमित संवाद और उनकी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से शुरू की गई VC Interaction Meeting श्रृंखला की 100वीं बैठक 24 अगस्त 2026 को आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील सिंघी ने की। बैठक में छत्तीसगढ़ सहित देशभर के व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर सुनील सिंघी ने कहा कि 100वीं VC Interaction Meeting केवल एक संख्या नहीं, बल्कि केंद्र सरकार और व्यापारी समुदाय के बीच निरंतर संवाद, सहभागिता और विश्वास की मजबूत होती व्यवस्था का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

उन्होंने कहा कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य देशभर के व्यापारियों को एक प्रत्यक्ष और सहज मंच उपलब्ध कराना था, जहां वे सरकारी योजनाओं एवं नीतियों की जानकारी प्राप्त करने के साथ ही अपनी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सीधे बोर्ड के सामने रख सकें।

नीति-निर्माण तक पहुंच रही व्यापारियों की आवाज

राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड से छत्तीसगढ़ के सदस्य अमर पारवानी ने कहा कि नियमित बैठकों के माध्यम से छोटे, मध्यम और बड़े व्यापारियों को एक साझा मंच मिला है। इन बैठकों में प्राप्त समस्याओं और सुझावों को संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों तक पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बार-बार सामने आने वाले मुद्दों की पहचान कर उनके नीतिगत समाधान की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से सरकार और व्यापारी समुदाय के बीच पारदर्शिता, विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत हुई है।

व्यापारी अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी

अमर पारवानी ने कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं के क्रेता-विक्रेता नहीं हैं, बल्कि उत्पादक और उपभोक्ता के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाते हैं। स्थानीय बाजारों को सक्रिय रखने, रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने तथा आर्थिक गतिविधियों को गति देने में व्यापारी समुदाय की अहम भूमिका है।

उन्होंने कहा कि “व्यापारी और सरकार साथ मिलकर ही एक सशक्त, सुगम और विकसित व्यापारिक वातावरण का निर्माण कर सकते हैं। अमर पारवानी ने बताया कि 100 बैठकों की यह यात्रा व्यापारी समुदाय की सक्रिय भागीदारी और सरकार के साथ मजबूत होते संबंध का प्रमाण है। आने वाले समय में अधिक से अधिक व्यापारियों को इस संवाद मंच से जोड़ने, जमीनी समस्याओं पर ठोस सिफारिशें तैयार करने और संवाद को परिणामोन्मुख कार्रवाई से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।