जगदलपुर। बस्तर जिले में बच्चों की प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से आयोजित ‘टैलेंट तिहार’ के तहत स्वामी विवेकानंद आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, जगदलपुर में विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने लोककला, लोकनृत्य, गायन और विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं में शानदार प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन एवं संरक्षण तथा जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल और जिला मिशन समन्वयक अशोक पांडे के निर्देशन में किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

प्रतियोगिता में संकुल स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने विकासखंड स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए एकल गायन, समूह गायन, एकल नृत्य, समूह नृत्य, चित्रकला, एकांकी और वाद्य यंत्र सहित विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
बस्तर की संस्कृति की दिखी अनूठी झलक
टैलेंट तिहार का सबसे आकर्षक पक्ष बस्तर की लोक संस्कृति और परंपराओं की मनमोहक प्रस्तुति रही। विद्यार्थियों ने लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्य यंत्र और स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया। पारंपरिक वेशभूषा और लोकधुनों के साथ प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम स्थल को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।
एकांकी और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, बालिका शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रभावी संदेश दिया।
जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल ने कहा कि बस्तर के बच्चों में अद्भुत प्रतिभा है और उन्हें उचित मंच एवं अवसर प्रदान करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल, कला, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक गतिविधियां भी बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
जिला स्तर पर करेंगे प्रतिनिधित्व
विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता में विभिन्न विधाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी अब आगामी जिला स्तरीय टैलेंट तिहार प्रतियोगिता में विकासखंड जगदलपुर का प्रतिनिधित्व करेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को शील्ड एवं अन्य पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की प्राचार्य मनीषा खत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कार्यक्रम के प्रभारी मनीष कुमार अहीर रहे, जबकि मंच संचालन शरद श्रीवास्तव ने किया। समापन अवसर पर सीएससी बड़ेमुरमा भूपेश पानीग्राही ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, शिक्षकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
आयोजन को सफल बनाने में पंकज जोशी, शरद श्रीवास्तव, गोपाल पाणिग्रही, विवेक राय, दीपक यादव, शैलेन्द्र साहू, विनय सिंह, विकास चंद्राकर, राजेश तिवारी, प्रहलाद दुबे सहित संकुल समन्वयकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।