0 अभा आदिवासी महासभा ने सरकार पर साधा निशाना
जगदलपुर। अखिल भारतीय आदिवासी महासभा के संभागीय अध्यक्ष कोवासी बोमड़ा ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है और हालात अघोषित आपातकाल जैसे दिखाई दे रहे हैं।
श्री बोमड़ा जारी बयान में ने कहा है कि जनहित और छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे सोनम वांगचुक को जिस प्रकार बलपूर्वक घसीटकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार के इशारे पर असहमति की आवाजों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और इसके लिए विभिन्न एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने और विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को विभिन्न तरीकों से परेशान किए जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कोवासी बोमड़ा ने केंद्र सरकार की कार्यशैली की आलोचना करते हुए इसे फासीवादी प्रवृत्ति से जोड़ा और कहा कि यदि असहमति के स्वर को इसी तरह दबाया जाता रहा तो लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होगी।उन्होंने केंद्र सरकार से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने, शांतिपूर्ण आंदोलनों का सम्मान करने तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है।