बालोद। जिले के देवरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सम्बलपुर (नाहन्दा) गांव में एक व्यक्ति की कथित तौर पर लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई कर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, नाबालिग बेटी से बातचीत का विरोध करने से नाराज एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक गौकरण साहू घटना की रात अपने घर में सो रहे थे। इसी दौरान देर रात छह युवक उनके घर पहुंचे। आरोप है कि चार युवक घर के अंदर घुसे और बांस के डंडों तथा लकड़ी के राफ्टर से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जबकि दो अन्य आरोपी बाहर निगरानी करते रहे। हमले में गौकरण साहू के सिर, पीठ और कमर पर गंभीर चोटें आईं।
हमले के दौरान घायल की चीख-पुकार सुनकर पास में सो रही उनकी 13 वर्षीय बेटी की नींद खुल गई। जैसे ही वह बाहर आई, हमलावर मौके से फरार हो गए। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से घायल को तत्काल देवरी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद देवरी थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतक की नाबालिग बेटी से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि खपराभाटा निवासी 18 वर्षीय भानुप्रताप जैन का किशोरी से संपर्क था, जिसका उसके पिता विरोध करते थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर हमले की योजना बनाई।
पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों, बयान और अन्य जांच के आधार पर मुख्य आरोपी भानुप्रताप जैन समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में एडिशनल एसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि घायल की मौत के बाद प्रकरण में हत्या की धारा भी जोड़ दी गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में भानुप्रताप जैन (18), नीरज रस्तोगी (18), तुषार निर्मलकर (20), दिनेश ढीमर (25), कुंदन यादव (18) और दीपेश पटेल (18) शामिल हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात की योजना किस प्रकार बनाई गई थी तथा इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।