जगदलपुर। बस्तर जिला कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन एवं संरक्षण तथा जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल एवं जिला मिशन समन्वयक अशोक पांडे के निर्देशन में बस्तर जिले में बच्चों की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से ‘टैलेंट तिहार’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को स्वामी विवेकानंद आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, जगदलपुर में विकासखंड स्तरीय टैलेंट तिहार प्रतियोगिता का आयोजन उत्साह एवं उमंग के साथ किया गया।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में विकासखंड शिक्षा अधिकारी अनिल दास, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ब्लॉक नोडल अधिकारी राजेंद्र ठाकुर विद्यालय की प्राचार्य मनीषा खत्री तथा टैलेंट तिहार के ब्लॉक नोडल अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रभारी मनीष कुमार अहीर रहे, जबकि मंच संचालन शरद श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम के अंत में संकुल समन्वयक भूपेश पानीग्राही ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
संकुल स्तर से चयनित प्रतिभाओं ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
टैलेंट तिहार के अंतर्गत इससे पूर्व संकुल स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। विकासखंड जगदलपुर के सभी संकुलों से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता में प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए एकल गायन, समूह गायन, एकल नृत्य, समूह नृत्य, चित्रकला, एकांकी वाद्य यंत्र सहित विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
टैलेंट तिहार में दिखी बस्तर की संस्कृति की अनूठी झलक
विकासखंड स्तरीय टैलेंट तिहार का सबसे आकर्षक पक्ष बस्तर की लोक संस्कृति एवं परंपराओं की मनमोहक प्रस्तुति रही। विद्यार्थियों ने लोकगीतों, लोकनृत्यों, पारंपरिक वाद्य यंत्रों एवं स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया।
नृत्य एवं गायन की प्रस्तुतियों में बस्तर की लोक परंपराओं, आदिवासी संस्कृति और प्रकृति से जुड़े भावों की स्पष्ट झलक देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा और लोकधुनों के साथ विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम स्थल को बस्तर की सांस्कृतिक रंगभूमि में बदल दिया।
विशेष रूप से समूह नृत्य एवं समूह गायन की प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों ने सामूहिकता, अनुशासन और अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति जुड़ाव का परिचय दिया। वहीं एकांकी एवं अन्य प्रस्तुतियों में पर्यावरण संरक्षण, बालिका शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी जरूरी : जिला शिक्षा अधिकारी
मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल ने कहा कि बस्तर के बच्चों में अद्भुत प्रतिभा है। आवश्यकता केवल इस बात की है कि उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच और अवसर मिले। टैलेंट तिहार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है। पढ़ाई के साथ खेल, कला, संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक गतिविधियां भी बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बस्तर की संस्कृति, लोककला और परंपराएं हमारी विशिष्ट पहचान हैं और बच्चों के माध्यम से इन्हें आगे बढ़ाने का यह एक सुंदर प्रयास है।
उन्होंने प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रतियोगिता में जीत और हार से अधिक महत्वपूर्ण है मंच पर आकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना। ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल का विकास करते हैं।
विजेता विद्यार्थी करेंगे जिला स्तर पर प्रतिनिधित्व
विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता में विभिन्न विधाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी आगामी जिला स्तरीय टैलेंट तिहार प्रतियोगिता में विकासखंड जगदलपुर का प्रतिनिधित्व करेंगे। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को शील्ड एवं अन्य पुरस्कारों से सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती मनीषा खत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने से बच्चों में नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच का विकास होता है।
संकुल समन्वयकों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
टैलेंट तिहार को सफल बनाने में विकासखंड के सभी संकुल समन्वयकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने संकुल स्तर से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन करने से लेकर विकासखंड स्तर की प्रतियोगिता तक बच्चों को मार्गदर्शन एवं अभ्यास कराया। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को गीत, नृत्य, चित्रकला, वादन एवं अन्य विधाओं में निरंतर अभ्यास कराकर उन्हें प्रतियोगिता के लिए तैयार किया।
टैलेंट तिहार ने यह संदेश दिया कि बस्तर की प्रतिभा केवल गांव और विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे उचित मंच मिलने पर वह जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकती है। बस्तर की संस्कृति और यहां के बच्चों की प्रतिभा का यह संगम कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता रही।
कार्यक्रम के समापन में आभार व्यक्त सीएससी बड़ेमुरमा भूपेश पानीग्राही ने किया।।
कार्यक्रम में पंकज जोशी , शरद श्रीवास्तव, गोपाल पाणिग्रही, विवेक राय, दीपक यादव ,शैलेन्द्र साहू, विनय सिंह , विकास चंद्राकर ,राजेश तिवारी, प्रहलाद दुबे और संकुल समन्वयकों की अग्रणी भूमिका रही।