रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि प्रदेश के पीडीएस दुकानों में अगस्त माह का राशन अब तक नहीं पहुंचा जो दर्शाता है कि प्रदेश में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है और उसके बाद भी सरकार गरीबों को सितम्बर -अक्टूबर माह का राशन चावल -गुड़ -शक्कर सहित एक मुश्त देने का ढिंढोरा पीट रही है,जबकि वास्तविकता यह है कि हितग्राही राशन कार्ड लेकर दुकानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में हितग्राही राशन कार्ड लेकर भटक रहे हैं, भंडारण नहीं होने से लगभग आधे राशन दुकानों में अगस्त माह का राशन पहुंचा ही नहीं है, आबंटन केवल कागजी साबित हो रहा है। शक्कर तो किसी भी राशन दुकान में नहीं मिल रहा है, शक्कर कि कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी से प्रदेश कि जनता महंगा शक्कर खरीदने को मजबूर है, बस्तर सरगुजा जैसे वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में तो चना और गुड़ का आवंटन लंबे समय से बाधित है, कोर पीडीएस संघ पूरे प्रदेश में अनियमित आपूर्ति और भंडारण की शिकायतें लगातार कर रहा हैं। ऐसे में सितम्बर -अक्टूबर माह का राशन एक साथ देने का सरकार का कलेक्टरो को आदेश महज एक कागज़ी दिखावट मात्र है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि गरीब परिवारों के लिए राशन उनका अधिकार है। मगर जब हितग्राही दुकान तक पहुंचता है और उसे राशन नहीं मिलता तब उस गरीब परिवार की परेशानी का अंदाजा यह पूंजीपतियों की हितैषी वाली सरकार नहीं लगा सकती, सरकार ने पीडीएस की व्यवस्था को जानबूझकर बाधित कर दिया है। डिजिटल इंडिया और पारदर्शिता का दावा झूठा है, ऑनलाइन ई-पॉस (PDS) सॉफ्टवेयर और ऐप में स्टॉक और सामग्री का विकल्प छुपाये जा रहे हैं, जिससे वितरण प्रभावित हो रहा है सरकार की प्राथमिकता गरीबों को समय पर राशन उपलब्ध कराने के बजाय केवल प्रचार और विज्ञापन तक सीमित रह गई है। सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। सरकार को पहले तत्काल अगस्त माह का पूरा राशन पहुंचाकर ,देर से खाद्यान्न पहुंचाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं परिवहन एजेंसियों पर कार्रवाई करना चाहिए।