श्रमिकों की मौत, बीएसपी अधिकारियों को गिरफ्तार करने की मांग

0 भाजपा और मजदूर संघ ने खोला मोर्चा 

दल्ली राजहरा। भाजपा राजहरा मंडल और खदान मजदूर संघ भिलाई से संबद्ध भारतीय मजदूर संघ द्वारा संयुक्त ज्ञापन थाना प्रभारी दल्ली राजहरा को सौंपकर राजहरा टाउनशिप में बीएसपी के सीवरेज लाइन कार्य में लापरवाही से आदिवासी श्रमिकों की मृत्यु पर बीएसपी के जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर-जमानती एवं एसटी एससी एक्ट की धाराओं में एफआईआर करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई।

 

टेंडर की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी कार्य कराया जा रहा था। बीएसपी के अधिकारियों की सांठगांठ से सारा खेल हुआ है। इसी लापरवाही के कारण मिट्टी धंस गई, चेन टूट गई और पाइप के नीचे दबने से 3 आदिवासी श्रमिकों की दर्दनाक मृत्यु हो गई। बीएसपी अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार द्वारा जिस मशीन से खुदाई और पाईप बिछानें का कार्य किया जा रहा था, उस मशीन का बीमा तक नहीं था। राजहरा टाउनशिप के उप महाप्रबंधक मंगेश सेलकर की अनुमति से उस मशीन को चलाया जा रहा था। यह उप महाप्रबंधक मंगेश सेलकर की लापरवाही को दर्शाता है और साथ ही उन्होंने सुरक्षा मापदंडों का खुलेआम उल्लंघन किया। घटना के बाद बीएसपी प्रबंधन द्वारा केवल दिखावे के लिए नगर प्रशासन विभाग के उप महाप्रबंधक मंगेश सेलकर और रमेश हेडऊ को 7 दिन के लिए निलंबित किया गया और फिर मृत श्रमिकों के जिम्मेदार अधिकारियों को पुनः उसी पद पर बहाल कर दिया गया है जो कि मृतकों और उनके परिवार की भावनाओं और प्रदेश के सभी आदिवासियों के साथ खिलवाड़ है। आ तक पुलिस द्वारा दोषियों पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि भिलाई में अगर इस प्रकार की घटनाएं होती हैं तो जिम्मेदार लोगों पर बीएसपी प्रबंधन भी कार्रवाई करता है और पुलिस प्रशासन भी एक्शन लेता है। इसका ताजा उदाहरण है भिलाई स्टील प्लांट में हुए लोहा चौरी में बीएसपी अधिकारियों को जेल भेजा गया है। तो फिर राजहरा में ऐसा क्यों नहीं?हर बार सिर्फ लीपापोती और जिम्मेदार को बचाने का प्रयास किया जाता है और बचा भी लिया जाता है इसके बहुत से उदाहरण है। यह महज दुर्घटना नहीं, बल्कि घोर लापरवाही और आपराधिक कृत्य से की गई हत्या है। क्योंकि ठेका की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी राजहरा टाउनशिप के जिम्मेदार अधिकारी मंगेश सेलकर द्वारा बिना सुरक्षा मापदंडों का पालन किए कार्य समय अवधि के बाद भी करवाया जा रहा था जिसके कारण 3 आदिवासी ठेका श्रमिकों की मृत्यु हो गई है। उन्होंने मांग उठाई है कि बीएसपी द्वारा निलंबित किए गए उप महाप्रबंधक टाउनशिप मंगेश सेलकर और रमेश हेडऊ पर भारतीय न्याय संहिता की गैर-जमानती धाराओं एवं अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए, सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए और जब तक इन जिम्मेदार अधिकारियों की गिरफ्तारी नहीं होती है दोषी अधिकारियों को तत्काल उस पद से हटाया जाएं ताकि जांच प्रभावित ना हों। नेता द्व्य ने आगे बताया कि आज इस ज्ञापन के माध्यम से पुलिस प्रशासन से इसपर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।क्योंकि यह केवल दुर्घटना नहीं बल्कि घोर लापरवाही से की गई आदिवासी श्रमिकों की हत्या का मामला है। बीएसपी टाउनशिप के अधिकारियों की लापरवाही से जान गंवाने वाले श्रमिकों में बिसाखीन बाई गोंड़, किसुन सोरी गोंड़ और रमेश कुमार मानिकपुरी पनिका शामिल हैं। नेता द्वय ने कहा है कि अगर आदिवासी श्रमिकों के मौत के जिम्मेदार अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर गिरफ्तार नहीं किया गया तो भाजपा और संघ द्वारा संबंधित विभागों का घेराव किया जाएगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि सांसद भोजराज नाग को भी दी गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष तोरणलाल साहू, लखनलाल चौधरी, युवा मोर्चा अध्यक्ष सागर गनीर, एल्डरमैन ललित जैन, पार्षद भूपेंद्र श्रीवास, समर्थ लखानी, एल्डरमैन राकेश देवांगन, मुकेश खस, जीवन साहू, बंटी चोपडे, राहुल साहू, रोहित साहू, विमल यादव, सोहन जयसवाल ,टकेशवर, समेंदर निर्मलकर, अनूप साहू, अजहर खान, मोहर्रम हुसैन, सोनू ठगेल, देवा साहू, डामेंदर साहू, परसराम साहू, धीराजी साहू, विजय साहू, ललित जयसवाल, अमित कुमार, देवेंद्र कुमार एवं अन्य लोग उपस्थित थे।