0 राहुल गांधी की सोच को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं प्रदेश कांग्रेस के युवा अध्यक्ष दीपक बैज
(अर्जुन झा)जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के कुछ पुराने खयालात वाले बुजुर्ग नेता और कुछ स्वार्थी किस्म के नेता भले ही कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाते हैं, मगर वास्तविकता यही है कि आज छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को युवा जोश और युवा नेतृत्व की ही दरकार है।छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के युवा अध्यक्ष दीपक बैज इस पैमाने पर सौ फीसदी खरे उतर रहे हैं। यही नहीं दीपक बैज अपने शीर्ष नेता राहुल गांधी की सोच के तहत लगातार दलित वर्ग को साथ लेकर चलते आ रहे हैं। यही वजह है कि विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों की लाख कोशिशों के बावजूद छत्तीसगढ़ का दलित वर्ग कांग्रेस से पूरे लगाव के साथ जुड़ चुके हैं।

पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज खुद दलित आदिवासी समुदाय से आते हैं। उन्होंने बचपन से दलित आदिवासी होने की त्रासदी झेली है और दलितों की पीड़ा से भलिभांति अवगत हैं। यही वजह है कि वे हमेशा दलितों और सर्वहारा वर्ग की आवाज बनकर खड़े हो जाते हैं। बस्तर की पैदाइश होने के बावजूद दीपक बैज अकेले बस्तर संभाग ही नहीं, बल्कि सुदूर रायगढ़, सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर, कवर्धा, बिलासपुर तक कहीं से भी दलितों, महिलाओं, युवाओं के दमन अत्याचार की खबर आती है, दीपक बैज दौड़े चले जाते हैं। पार्टी के आम कार्यकर्ताओं के संग भी उनकी शानदार ट्यूनिंग किसी से छुपी नहीं है। हाल ही में सूरजपुर, सरगुजा के विश्रामपुर में पार्टी के सवर्ण जिला उपाध्यक्ष के खिलाफ दर्ज झूठी एफआईआर की खबर मिलते ही रातोंरात वे विश्रामपुर पहुंच गए। उन्होंने थाने लेकर दीपक बैज ने कार्यकर्ताओं और नागरिकों के साथ वहां थाने के सामने पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरना देना शुरू कर दिया। दीपक बैज के आक्रामक तेवर को देखते हुए सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा। कार्यकर्ता पर आर्म्स एक्ट की जो धारा लगाई गई थी, वह वापस लेनी पड़ी। ऎसा होता है युवा नेतृत्व का जोश। यही जोश है जिसने लड़खड़ाती कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में बॉडी बिल्डर बनाकर खड़ा कर दिया है। दो दिन पहले ही एक खबर आई थी कि राहुल गांधी अब दलितों और पिछड़ा वर्गों को कांग्रेस से जोड़ने के लिए नए सिरे से प्रयास करने वाले हैं। राहुल गांधी की इस सोच पर दीपक बैज सालों पहले से अमल करते आ रहे हैं। कांग्रेस से छिटक चुके इन वर्गों को फिर से साथ लाने में उन्होंने बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। दीपक बैज की प्रादेशिक टीम के साथ ही जिला, ब्लॉक और पंचायत एवं वार्ड लेवल की कमेटियों में भी इन्ही वर्गों के कार्यकर्ताओं को महत्व देते हुए पद सौंपे गए हैं।तभी तो आज छत्तीसगढ़ के आम नागरिक भी कह रहे हैं कि कांग्रेस को ऐसे ही जोशीले और युवा नेतृत्व की जरूरत है।