रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष द्वितीय सेमेस्टर की कीटशास्त्र (AGCH-221) परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में रायपुर पुलिस ने 36 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, प्रश्नपत्र को 11 हजार रुपये में छात्रों को बेचा गया था।
100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने की जांच
20 अगस्त को होने वाली परीक्षा से पहले ही सुबह प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी विश्वविद्यालय प्रबंधन को मिली थी। शिकायत के बाद तेलीबांधा थाने में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की संबंधित धाराओं और बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस की 100 से अधिक लोगों की टीम गठित की गई। पुलिस टीमों को रायपुर के अलावा दुर्ग, कबीरधाम, बिलासपुर और आसपास के जिलों में भेजकर जांच शुरू की गई।

सुई से लिफाफे में किया छेद, मोबाइल से रिकॉर्ड किया पेपर
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया पिछले करीब एक साल से परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त कर उन्हें अपने कॉलेज तक ले जाने का काम कर रहा था।
17 अगस्त को वह उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय, रायपुर पहुंचा था। इसी दौरान उसने आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त किए। कॉलेज लौटने के बाद उसने कीटशास्त्र के प्रश्नपत्र वाला लिफाफा कथित तौर पर अपने घर ले लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घर पर लिफाफे से छेड़छाड़ करते हुए सुई और नुकीले उपकरण से छोटा छेद किया। इसके बाद छेद के जरिए मोबाइल कैमरा अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। बाद में प्रश्नपत्र की सामग्री तैयार कर उसने अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक और दो अन्य छात्रों को 11 हजार रुपये में बेच दिया।
छात्रों के बीच आगे पहुंचा प्रश्नपत्र
पुलिस के मुताबिक अजय नायक ने कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र को त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू तक पहुंचाया। तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने एक-एक कर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सुजा, कॉपी और फेविकोल समेत मामले से जुड़े अन्य सामान जब्त किए हैं।
दो आरोपी अभी फरार
पुलिस के अनुसार, मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पेपर लीक की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और प्रश्नपत्र को आगे कितने लोगों तक पहुंचाया गया। पुलिस ने गिरफ्तार सभी छह आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।