

0 पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण बनी मुसीबत, फिसलकर गिर रहे लोग
0 मैलबेड़ा–चालानगुड़ा मार्ग पर हुआ बाधित
बकावंड। विकासखंड बकावंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मैलबेड़ा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन मैलबेड़ा–चालानगुड़ा सड़क बारिश के मौसम में ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य पिछले माह 15 तारीख के आसपास लगातार हो रही बारिश के बीच शुरू किया गया, जिससे पूरी सड़क कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई है। इससे रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण शुरू होने से पहले सड़क पर मुरूम बिछी होने के कारण आवागमन अपेक्षाकृत आसान था, लेकिन सड़क की खुदाई के बाद लगातार बारिश होने से पूरा मार्ग फिसलन भरा हो गया। दोपहिया वाहन चालक हर दिन दुर्घटना के खतरे के बीच सफर करने को मजबूर हैं, वहीं पैदल चलने वालों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं।ग्रामीणों के अनुसार मैलबेड़ा–चालानगुड़ा मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से ग्रामीण बाजार, स्कूल, शासकीय कार्यालय, अस्पताल तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति के कारण मरीजों और स्कूली बच्चों सहित आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे इसी सड़क पर ग्राम मैलबेड़ा निवासी चेतन बघेल की बाइक कीचड़ में फिसल गई, जिससे वह सड़क पर गिर पड़े। सौभाग्य से उन्हें गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।ग्रामीण नरसिंग कश्यप, बंसी कश्यप, महेश नेताम और बुधराम नेताम ने बताया कि सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उनका कहना है कि निर्माण एजेंसी द्वारा बारिश के दौरान जरूरी सुरक्षा उपाय और वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे लोगों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों की शिकायत पर संबंधित विभाग के अधिकारी एवं इंजीनियर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क पर मुरूम अथवा गिट्टी डलवाकर आवागमन सुचारु कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है, बल्कि तत्काल सुधार कार्य शुरू किया जाना चाहिए।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि बारिश के मौसम को देखते हुए निर्माण एजेंसी को तत्काल सड़क को चलने योग्य बनाने, आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।