रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के ढाई साल में शिक्षा व्यवस्था की दुर्दशा हो गई है। सरकारी स्कूल बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। 57 हजार से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त है, 12560 से अधिक स्कूल जर्जर है ऐसे में बच्चे क्या पढ़ेंगे? कैसे भविष्य गढ़ेंगे? नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है, कई स्कूलों में किताब, गणवेश नहीं पहुंचे है। बारिश का पानी क्लास रूम के भीतर टपक रहा है। प्लास्टर गिर रहा है। बैठने के लिए कुर्सी, टेबल नहीं है। हजारों स्कूल एक शिक्षक के भरोसे है। ऐसे में पढ़ाई की गुणवत्ता कैसे सुधरेगी?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है, लेकिन शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव में 57 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था। ढाई साल में कई प्रधानाध्यापक, शिक्षक, विषय विशेषज्ञ शिक्षक रिटायर्ड हो गये है वो पद भी खाली पड़ा है। स्वामी आत्मनन्द स्कूलों में भी सैकड़ों पद खाली है। 10,463 से अधिक स्कूल बंद कर दिया गया है। कोई नया स्कूल खोला नहीं गया है। बस्तर, सरगुजा संभाग में स्कूल तो नाम मात्र है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल में 33 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की, उसके बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 33 हजार से हटाकर 20 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की, जिसे घटाकर 5 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा हुई, लेकिन भर्ती नहीं हुई। शिक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर हुए सर्वे में छत्तीसगढ़ की शिक्षा को बेहद खराब गुणवत्ताहीन माना गया है। जब स्कूलों में अव्यवस्था रहेगी तो शिक्षा का स्तर कैसे सुधरेगा?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार एसटी, एससी, ओबीसी, अल्पंसख्यक एवं गरीब बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीन रही है। भाजपा डरती है बच्चे पढ़, लिख लेंगे तो जागरूक हो जायंेगे। भाजपा का एजेंडा बच्चों को शिक्षा से वंचित करना है। कांग्रेस मांग करती है स्कूलों में तत्काल पर्याप्त शिक्षको की भर्ती करे, जर्जर स्कूलों की दशा सुधारे।