रायपुर। संख्या बल के कारण भले ही विधानसभा में सरकार ने कांग्रेस के द्वारा लाये अविश्वास प्रस्ताव को पारित होने से रोक लिया लेकिन सरकार बेनकाब हो गयी। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के 136 बिंदुओं के आरोपों तथा कांग्रेस विधायकों के तर्कों के सामने सरकार का जनविरोधी चेहरा सदन में बेनकाब हो गया तथा विधानसभा में कांग्रेस विधायक गण यह साबित करने में सफल साबित हुए कि सरकार ढाई साल में ही जनता का भरोसा खो चुकी है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जिन मुद्दों को जनता के बीच मोदी की गारंटी के नाम से प्रस्तुत कर भाजपा ने वोट लिया था वह उसी को भूल गयी। मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे ढाई साल बाद भी भाजपा के संकल्प पत्र तक ही सीमित है। सरकार न कानून व्यवस्था संभाल पा रहा और न ही राज्य के वित्तीय व्यवस्था, आम आदमी असुरक्षित है, विकास कार्य ठप्प है, युवाओं को रोजगार नहीं मिला, प्रदेश का किसान, आदिवासी सभी का सरकार पर से भरोसा उठ गया है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में राज्य सरकार की गलत नीतियों, नौकरशाही, तानाशाही रवैये, जन कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने एवं प्रचलित योजनाओं के क्रियान्वयन में उदासीनता, प्रदेश की बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था, व्याप्त भ्रष्टाचार, पदोन्नति एवं भर्तियों में अनियमितता, किसान विरोधी नीतियों, बेरोजगारी एवं बढ़ती हुई महंगाई के कारण प्रदेश का हर वर्ग, गरीब, मजदूर, किसान, शिक्षित बेरोजगार, कर्मचारी, अधिकारी, गृहणियां, छात्र, युवा, अनुसूचित जाति, जनजाति के लोग, बस्तर, सरगुजा के रहने वाले आदिवासी परेशान होकर आंदोलनरत है। कांग्रेस विधायक दल के द्वारा भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी एवं वादा खिलाफी के विषयों को सदन में लगातार विभिन्न नियम प्रक्रिया के तहत उठाया गया, किन्तु सरकार ने एक भी विषय पर संतोषजनक उत्तर नहीं दिया तथा गंभीर विषयों पर सरकार सदन में चर्चा से भागती रही। जिन वायदों, संकल्पों एवं घोषणाओं के कारण सरकार सत्ता में आयी है, सभी सिर्फ कागजों एवं आंकड़ों तक ही सीमित है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभाते हुए सरकार को सचेत करने का कार्य पिछले ढाई वर्षो से करते रहे है, किन्तु दुर्भाग्य की बात है सरकार तानाशाही प्रवृत्ति अपना कर सत्ता के मद में मदमस्त हो चुकी है और जनता की आवाज को अनसुना कर रही। अतएव कांग्रेस विधायक दल ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया। अविश्वास प्रस्ताव लाने के उद्देश्य पर कांग्रेस सफल रही।