बचेली की शराब दुकान में चल रहा है ओवर रेटिंग का खेल

०  10 से 50 रुपए तक अधिक में खुलेआम बेची जा रही है शराब 
जगदलपुर। बस्तर संभाग की शराब दुकानों में ओवर रेटिंग का खेल खुलेआम चल रहा है। शराब प्रिंट दर पर न बेच कर मनमानी कीमत वसूली जा रही है। ऐसा ही एक और मामला दंतेवाड़ा जिले के बचेली से सामने आया है। बचेली स्थित शासकीय विदेशी मदिरा दुकान में ग्राहकों से प्रिंट रेट से ज्यादा दाम वसूले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि दुकान में एमआरपी से 10 से 50 रुपए तक ज्यादा लेकर शराब बेची जा रही है। बिल मांगने और विरोध करने पर बदसलूकी करने की घटनाएं भी सामने आई हैं। सिर्फ सरकारी दुकान ही नहीं, बचेली शहर के कई मोहल्लों, चौक-चौराहों और ढाबों पर अवैध रूप से शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। इन जगहों पर भी मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। सरकारी दुकान बंद होने के बाद रात में दोगुने-तिगुने दाम पर शराब बेचना आम बात हो गई है। इस पूरे मामले पर बचेली की जनता के मन में कई गंभीर सवाल हैं। आखिर इस ओवर रेटिंग और अवैध विक्रय को किसका संरक्षण मिला हुआ है? पुलिस और जिला प्रशासन अवैध बिक्री रोकने में नाकाम क्यों है? जब पूरा देश डिजीटल हो रहा है, तो शराब दुकानों में डिजीटल पेमेंट, क्यूआर कोड स्कैनिंग और ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम क्यों लागू नहीं किया जा रहा? पारदर्शिता के लिए CCTV और पॉइंट ऑफ सेल मशीन अनिवार्य क्यों नहीं? ओवर रेटिंग और अवैध बिक्री से सरकार को हर महीने लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है। यह पैसा किसकी जेब में जा रहा है?

ढर्रा पुराना, डर नया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके पूर्व भी जिले में शराब दुकानों में करोड़ों रुपए के घोटाले उजागर हो चुके हैं। बार कोड में हेरफेर कर व्यक्तिगत लाभ कमाने के मामले सामने आए थे। जनता को डर है कि कहीं उसी ‘ढर्रे’ को फिर से बढ़ावा तो नहीं दिया जा रहा है?बचेली के जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि सरकारी दुकान में ओवर रेटिंग और शहर में हो रही अवैध बिक्री की निष्पक्ष जांच कर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, सभी शराब दुकानों में अनिवार्य रूप से डिजिटल पेमेंट, कंप्यूटराइज्ड बिलिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, रेट लिस्ट बड़ी और साफ जगह पर लगाई जाए। दोषी कर्मचारियों, सेल्समैन और अवैध कारोबारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

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