“हमें नहीं लेनी नकटी गांव के लोगों की आह”

०  पीसीसी चीफ दीपक बैज की मार्मिक अपील का असर, विधायकों ने आवास लेने से किया इंकार 
 आवासीय प्रोजेक्ट के नाम पर हुआ बड़ा घालमेल 
(अर्जुन झा)जगदलपुर/रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी गांव के ग्रामीणों की बेदखली के विरोध में आक्रामक तेवर दिखा रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की मार्मिक अपील का बड़ा असर हुआ है। एक के बाद एक कांग्रेस विधायक नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी में आवास न लेने के लिए खुलकर सामने आ रहे हैं। अब तक चार विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गरीबों के आंसुओं के बीच उनके आशियाने तोड़ कर बनाई जाने वाली कॉलोनी में आवास लेने से इंकार कर चुके हैं। इन विधायकों ने साफ कहा है कि हमें गरीबों की आह नहीं लेनी है। इन विधायकों में तीन महिला विधायक हैं।
नकटी गांव में प्रशासन द्वारा तोड़े गए मकानों के मलबे के बीच प्रभावित परिवारों का दर्द फिर सामने आया है।ग्रामीणों ने साफ कह दिया कि वे मर जाएंगे, लेकिन गांव नहीं छोड़ेंगे। उनका कहना है कि बड़े लोगों का आशियाना बनाने गरीबों को निशाना बनाया गया है। कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले में कहा कि सरकार यहां गरीबों के घर उजाड़ कर विधायक और अधिकारियों के लिए आवास बनाने की तैयारी कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि गरीबों के घर उजाड़ना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने गरीब परिवारों के घरों को तोड़ा है, जबकि प्रभावशाली लोगों के मकानों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने मांग की है कि जिन लोगों के घर तोड़े गए हैं, उन्हें मकानों का पूरा मुआवजा दिया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों की आजीविका के नुकसान की भी भरपाई की जाए। प्रशासन को पहले प्रभावित लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करनी चाहिए थी।

भाजपाइयों की जमीन की कीमत बढ़ाने का खेल
बताया गया है कि पिछले एक साल से ग्रामीणों को यह जगह खाली करने का नोटिस दिया जा रहा था। नकटी गांव में 66 एकड़ क्षेत्र में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अफसरों के साथ विधायकों के लिए आवासीय कॉलोनी कर प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। यहां पर चारागाह की 10 एकड़ जमीन पर करीब 35-40 साल से बसे ग्रामीणों को हटाने का प्लान बनाया गया। यहां पर पीएम आवास और इंदिरा आवास योजना के तहत कई मकान बनाए गए हैं। ऐसे में शासन को इन मकानों को तोड़ने से पहले पूरी तहकीकात करनी थी। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बिना किसी रिपोर्ट के एक व्यक्ति के इशारे पर पूरा काम किया है। यहां पर हीरा ग्रुप सहित कई बड़े प्रभरावशाली लोगों के भी अवैध कब्जे हैं, उन्हें ने हटाकर गरीबों को ही निशाना बनाया गया है।बताया जाता है कि यहां पर कई बड़े भाजपा नेताओं की जमीनें है। नाले के पास से एयरपोर्ट से लेकर इस आवासीय परिसर तक सड़क बनाने के लिए एक प्रोजेक्ट पास किया गया है। सरकार में रहते भाजपा के लोगों को उपकृत करने सारा खेल खेला गया है।कोर्ट की छुट्टी के दिन तडके से ग्रामीणों को घेर कर पूरा काम किया गया।एनआरडीए के एक प्रोजेक्ट को प्रमोट करने के लिए नकटी को उखाड़ फेंका दिया गया, ताकि जमीन की दर करोड़ रुपए तक पहुंच जाए।

दोबारा बनेंगे घर, कांग्रेस है साथ : बैज
नकटी गांव में अतिक्रमण के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल और कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने टूटे घरों का निरीक्षण किया और वही चौपाल लगाकर पीड़ित परिवारों के दर्द को समझा। अब इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक की लड़ाई लड़ेगी। इसके लिए जल्द ही कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल राज्यपाल से मुलाकात करेगा और विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा। इस दौरान श्री बैज ने कहा कि कांग्रेस प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करती है। घर टूट गया तो क्या हुआ, घर दोबारा बनेगा, कांग्रेस आपके साथ हर लड़ाई लड़ेगी।

ये एमएलए नहीं लेंगे आवास
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण की कार्रवाई पर सियासत तेज हो गई है। सोमवार को प्रशासन ने प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए यहां 80 घरों को तोड़ा था। यहां रहने वाले परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। इसी बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की मार्मिक अपील पर कांग्रेस के चार विधायकों ने बड़ी घोषणा की है। कांग्रेस के विधायकों ने नकटी गांव की जमीन पर बनने वाले सरकारी आवास लेने से इंकार कर दिया है। बिंद्रानवागढ़ से कांग्रेस विधायक जनक राम ध्रुव, सराईपाली विधायक चातुरी नंद, बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे, लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इस मामले में पत्र लिखा है। उन्होंने सीएम को लिखे पत्र में कहा है कि नकटी की जगह नया रायपुर में किसी अन्य उपयुक्त और केंद्रीय स्थान पर विधायक कॉलोनी के लिए जमीन आवंटित की जाए। उन्होंने कहा-नकटी ग्राम पंचायत में विधायक कॉलोनी बनाने के प्रस्ताव का स्थानीय ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन ग्रामीणों की जमीन खाली करा रहा है, जिससे लोग आहत हैं। विधायक चातुरी डिग्रीलाल नंद ने भी प्रस्तावित विधायक कॉलोनी का विरोध किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। सीएम को लिखे पत्र में चातुरी नंद ने कहा-मैं नकटी गांव में की गई कार्रवाई का विरोध करती हूं और नकटी गांव के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी हूं। गरीबों का घर उजाड़कर मुझे विधायक आवास नहीं चाहिए।

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