आरक्षक भर्ती परीक्षा में घोटाला हुआ है – कांग्रेस

0 भाजपा सरकार नौकरियां बेच रही

रायपुर। आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गयी है। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि युवा भर्ती के खिलाफ सड़को पर है, सरकार इसकी जांच करें। यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। यदि युवा, भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की बात कर रहे है तो सरकार हठधर्मिता क्यों कर रही? युवा की मांग के अनुरूप विसंगतियों में सुधार क्यों नहीं कर रही है? विसंगतियों के सुधार में गड़बड़ियां नहीं करना इस बात का प्रमाण है कि सरकार इस मामले के भ्रष्टाचार को छुपाना चाहती है।

प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि पिछले ढाई साल के दौरान जितनी भी भर्ती परीक्षाएं हुई है, लगभग सभी में गड़बड़ियां उजागर हुई है लेकिन अब तक न किसी भर्ती परीक्षाओं को निरस्त किया गया और ना ही किसी पर ठोस कार्यवाही हुई है, इसका साफ मतलब है कि सरकारी नौकरियों को बेचने का पूरा खेल सत्ता के संरक्षण में ही हो रहा है। पुलिस और फॉरेस्ट में भर्ती के दौरान डिजिटल सिस्टम का झांसा देकर हैदराबाद की आईटी कंपनी को षडयंत्र पूर्वक भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया गया ताकि अपने चहेतों को उपकृत किया जा सके। ऐन वक्त पर डिजिटल सिस्टम को ऑफ लाइन करवा दिया गया, पीड़ितों की गुहार और पारदर्शिता को लेकर उठे सवाल को भाजपा सरकार ने कुचल दिया और कुछ छोटे कर्मचारियों पर दिखावे की कार्यवाही करके पूरे मामले की लीपापोती कर दी, यही नहीं मामला उजागर होने के बावजूद भी हैदराबाद के इसी कंपनी को बाकी जिलों में भी काम दिया गया। वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक नाप जोख और फिजिकल के अंकों में हेरफेर किए गए, राजनांदगांव पुलिस आरक्षक भर्ती घोटाला सर्वविदित है, आरआई प्रमोशन घोटाले के बाद अब पीडब्ल्यूडी इंजीनियर भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला भाजपा सरकार के कुशासन और भ्रष्टाचार का प्रमाण है।

प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के युवाओं से वादा किया था कि छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों में भर्ती की परीक्षाएं यूपीएससी की पैटर्न पर किया जाएगा, लेकिन किए उल्टा जो जिस व्यक्ति पर पूरे देश में नीट की परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप है, जिसके रहते लाखों मेडिकल छात्रों का भविष्य खराब हुआ, देश की बदनामी हुई उसे लाकर छत्तीसगढ़ राज्य सेवा आयोग के ऊपर बैठा दिया गया। भाजपा का षड्यंत्र उजागर हो चुका है, पिछले ढाई साल में कोई भी भर्ती परीक्षा बिना गड़बड़ी के संपन्न नहीं हुई है, तथ्यों के साथ आरोप लगे, पर निष्पक्ष जांच अब तक नहीं की गई। इस सरकार का रवैया शुतुरमुर्ग के समान है।