
0 पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं
0 उड़ीसा के लोगों के फर्जी नामों से बेच दी खाद
0 कई गुना ज्यादा दर पर किया गया है विक्रय
जगदलपुर। बस्तर जिले के आमागुड़ा स्थित महालक्ष्मी कृषि केंद्र में दो हजार बोरी सरकारी खाद की अफरा तफरी का बड़ा मामला सामने आया है। खाद वितरण पर सरकारी प्रतिबंध लगे होने के बावजूद केंद्र संचालक ने एग्री स्टैक पोर्टल पर एंट्री किए बगैर खाद को अवैध रूप से बेच दिया है।
उड़ीसा के ग्राम मुंताहांडी निवासी दीपक गुप्ता के नाम पर फर्जी खाद वितरण दर्शा कर यूरिया 800 रुपए प्रति बोरी और डीएपी 2300 रुपए प्रति बोरी की दर से बेचने का उल्लेख किया गया है। शासन द्वारा निर्धारित मूल्य यूरिया का 266.50 रुपए और डीएपी का 1350 रुपए है। क्षेत्र के किसानों ने 10 जून को साक्ष्यों के साथ जिला कलेक्टर के पास लिखित शिकायत की थी। 17 दिन बीत जाने के बाद भी न तो महालक्ष्मी कृषि केंद्र का लाइसेंस निरस्त किया गया है और न ही संचालक के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज कराई गई है।
अधिकारी पुत्र है दुकान संचालक
किसानों का आरोप है कि केंद्र संचालक कृषि विभाग के एक अधिकारी का पुत्र है, जिसके चलते जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा जानबूझकर मामले को दबाया जा रहा है। इस घटना से किसानों का प्रशासनिक व्यवस्था से भरोसा उठ गया है। किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर दोषी पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो किसान राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर चक्काजाम कर सीधे मुख्यमंत्री से न्याय की मांग करेंगे। वहीं मामले में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।