पद्मश्री सम्मान से सम्मानित हुईं दंतेवाड़ा की ‘बड़ी दीदी’ डॉ. बुधरी ताती

0 बस्तर संभाग के लोगों में छाई खुशी की लहर 

जगदलपुर। बस्तर संभाग की माटी एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुई है। बस्तर के दंतेवाड़ा जिले की माटी का मान एक बार फिर देशभर में बढ़ा है। जिले के हीरानगर की समाजसेविका दंतेवाड़ा जिले की बड़ी दीदी के नाम से प्रख्यात डॉ. बुधरी ताती को राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और दीर्घकालीन योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया। डॉ. बुधरी ताती पिछले चार दशकों से समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन आदिवासी अंचलों, महिलाओं, बच्चियों और जरूरतमंद बुजुर्गों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया है। वर्ष 1984 से शुरू हुई उनकी सेवा यात्रा आज हजारों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए उनके प्रयासों ने अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने 500 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित किया और सहयोगित किया है। स्वरोजगार, सामाजिक जागरूकता और महिला अधिकारों के प्रति उनके कार्यों की व्यापक सराहना होती रही है। इसके अलावा आदिवासी बच्चियों को शिक्षा से जोड़ने और बुजुर्गों की सेवा के क्षेत्र में भी बड़ी दीदी का योगदान उल्लेखनीय रहा है। समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के बीच वर्षों तक किए गए समर्पित कार्यों के कारण बस्तर अंचल के लोग उन्हें स्नेहपूर्वक “बड़ी दीदी” के नाम से जानते हैं। डॉ. बुधरी ताती को पद्मश्री सम्मान मिलने की खबर से दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर संभाग में हर्ष और गर्व का माहौल है। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे पूरे बस्तर क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है। यह सम्मान केवल डॉ. बुधरी ताती की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि बस्तर की सेवा भावना, आदिवासी संस्कृति और सामाजिक चेतना को मिला राष्ट्रीय सम्मान माना जा रहा है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों के लिए प्रेरित करेगी।

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