० राज्यपाल को पूर्व विधि मंत्री ने पत्र लिखकर जवाबदेही तय करने की मांग की
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय अधिकारियों द्वारा माननीय न्यायालयों की अवमानना करने के प्रकरण लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। इस पर रोक लगाने शासन स्तर पर न ही कोई पहल की गई है और न ही कोई चेतावनी जारी की गई है। राज्य के पूर्व कैबिनट मंत्री मोहम्मद अकबर ने इस मामले में राज्यपाल महोदय का ध्यान आकर्षित करते हुए पत्र लिखा हे। उन्होंने न्यायालयीन आदेशों के प्रभावी अनुपालन हेतु आवश्यक कदम उठाने की मांग राज्यपाल से की है।
राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में मोहम्मद अकबर ने कहा है कि न्यायालय की अवमानना के बढ़ते प्रकरण अत्यंत चिंता का विषय है। न्यायालय के आदेशों का समयबद्ध पालन संविधान और विधि के शासन को मूल भावना से जुड़ा हुआ है। माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अवमानना के दर्ज प्रकरणों की जानकारी देते हुए राज्यपाल महोदय को पत्र में बताया गया है कि वर्ष 2021 में 1010, 2022 में 1279, 2023 में 1185, 2024 में 1504, 2025 में 1884 एवं 2026 में अब तक 744 प्रकरण दर्ज हो चुके हैं।
प्रदेश के पूर्व विधि मंत्री मोहम्मद अकबर ने पत्र में कहा है कि बार-बार अवमानना की कार्यवाही होने से यह प्रतीत होता है कि कुछ मामलों में न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन हेतु पर्याप्त प्रशासनिक व्यवस्था एवं जवाबदेही सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। अवमानना के मामलों में वृद्धि यह संकेत देती है कि कई स्तरों पर न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती जा रही है। उन्होंने राज्य से आग्रह करते हुए मांग की है कि न्यायालयीन आदेशों के अनुपालन की नियमित समीक्षा, जवाबदेही तय करने की व्यवस्था तथा आवश्यक प्रशिक्षण की पहल की जानी चाहिए ताकि अवमानना के मामलों में कमी लाई जा सके।