0 मातृत्व अवकाश से वंचित हैं महिला कर्मी
जगदलपुर। बस्तर के सरकारी विभागों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारी से हाड़ तोड़ मेहनत करवाने के बाद भी उनके साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है।खासकर महिला कर्मचारियों को उनके हक का मातृत्व अवकाश भी नहीं दिया जाता है, बल्कि गर्भावस्था के अंतिम महीने में भी उनसे प्रतिदिन 12 घंटे से ज्यादा समय तक कार्य लिया जाता है।.मातृत्व अवकाश मांगने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। प्रदेश के वन विभाग, परिवहन विभाग के साथ अन्य कई विभाग में ऐसे महिला कर्मचारी जो कुशलतापूर्वक अपना कार्य करती है उनको बिगड़ैल अधिकारी की बात नहीं मानने पर प्रताड़ित और शोषित होना पड़ रहा है। प्रदेश के दर्जनों सरकारी विभागों में कई हजार महिला कर्मी जो कुशल और कार्य निपुण है उनको भी ऐसे लोगों से पीड़ित होना पड़ता है।