पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्ति में देरी सरकार की अनिर्णय के स्थिति के कारण, कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ रहा – धनंजय सिंह

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार ने ढाई साल में पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति नहीं कर पायी। इससे समझ में आता है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार कितना गंभीर है, यही कारण है प्रदेश में कानून व्यवस्था लचर है, पूर्णकालिक डीजीपी नहीं होना सरकार की अनिर्णय की स्थिति को स्पष्ट कर रहा है, सरकार आखिर कौन चला रहा है? सरकार के फैसले दिल्ली से होंगे तो इसलिए ये स्थिति निर्मित हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश जैसे संवेदनशील राज्य में स्थायी डीजीपी का न होना प्रशासनिक विफलता और सरकार की कमजोर इच्छाशक्ति को दर्शाता है। पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है, ये सरकार की अनिर्णय स्थिति को दर्शाता है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी जिस पद पर टिकी होती है, वही पद लंबे समय से अस्थायी व्यवस्था के भरोसे चल रहा है। इससे न केवल पुलिस विभाग का मनोबल गिरता है, बल्कि अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक समन्वय पर भी गंभीर असर पड़ता है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक हितों और अंदरूनी खींचतान के चलते योग्य अधिकारी की नियुक्ति नहीं कर पा रही है। यह स्थिति प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है। अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार नेतृत्वहीन पुलिस व्यवस्था के सहारे काम चला रही है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने सवाल किया कि जब पूर्णकालिक डीजीपी के लिए दो वरिष्ठ अधिकारियों की नाम का पैनल अप्रूवल हो चुका है फिर पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति अब तक क्यों नहीं हुई? किसकी सहमति का इंतजार किया जा रहा है! सरकार तुरंत पूर्णकालिक डीजीपी की नियुक्ति करे और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए।

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