सत्ता के संरक्षण में शराब गली-गली में बिक रही, रोकने पर पुलिस को पीटा जा रहा – कांग्रेस

रायपुर। महासमुंद के पटेवा थाना में अवैध शराब विक्रेताओं को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला बेहद चिंता का विषय है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि प्रदेश सत्ता के संरक्षण में अवैध शराब और नशा का कारोबार इतना बढ़ गया है कि अपराधी इनसे सांठगांठ नहीं करने वाले पुलिस वालों को धमकाने, मारपीट करने से भी पीछे नहीं हटते। महासमुंद की घटना में टीआई सहित पांच पुलिस वालों पर प्राण घातक हमला हुआ, सभी गंभीर रूप से घायल हो गये। बताया जाता है कि अवैध शराब बेचने वालों को सत्तारूढ़ दल के स्थानीय नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि राज्य में जब से भाजपा की सरकार बनी है। छत्तीसगढ़ अवैध शराब का गढ़ बन गया है। साय सरकार शराब की काली कमाई में डूबी हुई है।सरकारी वाहनों और सरकारी अमला शराब तस्करी करवाता है। सरकार का पूरा जोर शराब की खपत बढ़ाने में है। राजनांदगांव में महतारी एक्सप्रेस का उपयोग शराब तस्करी के लिए किया जा रहा था। मुंगेली में स्कूल को अवैध शराब का डंप यार्ड बना दिया गया। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा, राजनांदगांव सहित प्रदेश के सभी शहरों में नकली होलो ग्राम लगा कर अवैध शराब बेची जा रही। पड़ोसी राज्यों उड़ीसा, महाराष्ट्र, झारखंड से बड़ी मात्रा में शराब ला कर प्रदेश में बेची जा रही। शराब के इस अवैध कारोबार में सरकार खुद शामिल है। सरकारी शराब दुकानों से दो नंबर की शराब बेची जा रही है। बिना सरकार के संरक्षण के न अवैध शराब राज्य में आ सकती है और न ही बेची जा सकती है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि राजधानी रायपुर के तेलीबांधा में नकली होलो ग्राम वाली शराब पकड़ाये। राजनांदगांव अवैध शराब का केन्द्र बन गया है। बलरामपुर के सरकारी शराब दुकान में बियर के बोतल में गंदा पानी मिला, जगदलपुर में दर्जनों पेटी अवैध शराब पकड़ाई, मध्यप्रदेश से जगदलपुर तक कई जिलों की सीमा पार कर अवैध शराब की निर्बाध सप्लाई बिना सत्ता के संरक्षण के संभव नहीं है। सरकारी शराब दुकानों में दो गल्ले चल रहे है। बलरामपुर के सरकारी शराब दुकान में जो बियर की बोतल में गंदा पानी निकल रहा है और ऐसे मिलावटी शराब से जो वसूली हो रही है उसका पैसा किस गल्ले में जा रहा है? नकली और मिलावटी शराब का सरगना कौन है? शराब की काली कमाई में किस-किस की हिस्सेदारी है, छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *