अब तक थे झाड़ फूंक पर निर्भर, पहली बार कराया डॉक्टरी ईलाज!

0 ये है नक्सलवाद से मुक्त होते और बदलते बस्तर की शानदार तस्वीर 
0 बस्तर का सबसे बड़ा हेल्थ कैंप, पहले दिन ही 7000 से लोग पहुंचे 
(अर्जुन झा) जगदलपुर। नक्सलवाद से मुक्त होते और तेजी से बदलते बस्तर की एक शानदार तस्वीर बस्तर संभाग के सुकमा जिले से सामने आई है। यहां जिला और पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयास से आयोजित मेगा सुपरस्पेशलिस्टी हेल्थ कैंप में आज का पहले दिन कई ऐसे भी मरीज पहुंचे जो अब तक अपनी हर मर्ज का ईलाज बैगा गुनिया से झाड़ फूंक के जरिए कराते रहे हैं और जिन्होंने कभी एलोपैथिक तो क्या आयुर्वेदिक दवाई भी नहीं खाई थी।. इंजेक्शन लगवाना तो दूर की बात। जिला मुख्यालय सुकमा में आयोजित इस दो दिवसीय मेगा हेल्थ कैंप में स्थानीय ग्रामीणों ने भरोसा जताया और 7000 लोगों ने पहले दिन ही पंजीयन करवाकर अपना ईलाज करवाया। बस स्टैंड के सामने मिनी स्टेडियम में यह शिविर शनिवार को सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहा। आयोजकों के मुताबिक ये बस्तर का अब तक का सबसे बड़ा हेल्थ कैंप साबित हुआ है। इस मेगा स्वास्थ्य महाअभियान में बैंगलोर, कर्नाटक और महाराष्ट्र के ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञ डॉक्टरों और जिला अस्पताल के डॉक्टरों की निशुल्क चिकित्सा सेवाओं का लाभ स्थानीय लोगों ने उठाया।

जिला प्रशासन के अनुसार, मेगा सुपर स्पेशलिस्ट हेल्थ कैंप के लिए पंजीयन प्रक्रिया कल तक जारी रहेगी और पहले दिन 7 हजार लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है।सुकमा कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि इस मेगा हेल्थ कैंप का मुख्य उद्देश्य मरीजों को एक ही छत के नीचे जांच से लेकर इलाज तक की सुविधा प्रदान करना है। सामान्यतः मरीजों को हर छोटी-छोटी चीज के लिए भटकना पड़ता है। इसलिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने जिलेवासियों के लिये एनटीआर फाउंडेशन के साथ इस दो दिवसीय कैंप का आयोजन किया है और आगे भी इस तरह के आयोजन किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि नक्सलवाद के चलते ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ मिल नहीं पा रहा था। नक्सलियों से जैसे सुकमा मुक्त हो रहा है वैसे प्रशासन की पहुंच अंतिम गांव तक हो रही है और उनके लिए बेहतर माहौल के साथ शासन की योजनाओं का लाभ जिला प्रशासन द्वारा दिया जा रहा है। नक्सलियों के चलते बाहर से डाक्टरों की टीम यहां पहुंच नहीं पाती थी, लेकिन अब बदलाव के साथ ग्रामीणों का विश्वास साफ़ देखने मिल रहा है। इसलिए इस विश्वास ने एक दिन में 7 हजार लोगों के उपस्थित दर्ज करवाई। इस स्वास्थ्य कैंप में दूर-दूर से हज़ारों मरीज पहुंचे। उनकी विशेषज्ञ डॉक्टरों ने शुल्क जांच की परामर्श औरदिया और दवाइयां भी दी गईं।

पहुंचे एनटीआर के 32 डॉक्टर्स
एनटीआर फाउंडेशन से कुल 32 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम पहली बार छत्तीसगढ़ पहुंची थीं जिसके स्वास्थ्य मेगा सुपरस्पेशलिस्ट हेल्थ कैंप के उद्घाटन में मंत्री केदार कश्यप भी सुकमा पहुंचे थे। केदार कश्यप ने इस स्वास्थ्य कैंप की सराहना करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के साथ हर व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य लाभ दिलाना सरकार का पहली प्राथमिकता है।

नंगारास पंचायत की 66 वर्षीय कवासी मुके पहली बार इलाज करवाने जिला मुख्यालय पहुंची थी। मुके ने बताया कि वह अब तक इलाज करवाने गांव के बैगा के पास जाया करती थी। कभी अंग्रेजी दवा का सेवन नहीं किया था, लेकिन इस बार ईलाज करवाने स्वास्थ्य कैंप पहुंची। लगातार जिला प्रशासन की टीम कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों से संपर्क साध रही है। जिसका असर अब दुखने लगा है। ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को सरकार और प्रशासन पर भरोसा बढ़ने लगा है और ग्रामीण भी सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा की मांग करने लगे हैं।

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