0 भानुप्रतापपुर न्यायालय ने सुनाया फैसला, ढाई साल पहले लोहे के वसूला से किया था हमला
भानुप्रतापपुर। पत्नी के चरित्र पर शक और पारिवारिक विवाद के चलते ढाई साल पहले अपनी पत्नी और दो वर्षीय बेटी की हत्या की नीयत से हमला करने वाले आरोपी पति को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश दीपक के. गुप्ता की अदालत ने सुनाया।
प्रकरण भानुप्रतापपुर थाना के कच्चे चौकी अंतर्गत ग्राम टेकाढ़ोहा का है, जहां के निवासी नंद किशोर बढ़ई ने 5 एवं 6 फरवरी 2023 की दरमियानी रात लगभग 11:30 बजे से लेकर सुबह करीब 4:45 बजे के बीच लोहे के वसूला से पत्नी संगीता बढ़ई और बेटी तृषा बढ़ई पर जानलेवा हमला किया था।
अपर लोक अभियोजक सीमा तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ने पहले अपनी पत्नी के पेट और सिर पर वसूला से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। संगीता को मृत समझकर आरोपी ने फिर दो साल की बेटी तृषा के सिर पर वार किया, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़ी। गंभीर रूप से घायल मां-बेटी को परिजनों द्वारा समय रहते अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिससे दोनों की जान बच सकी।
परिजनों की सूचना पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी नंद किशोर को गिरफ्तार कर भानुप्रतापपुर थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 302 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
न्यायालय का फैसला
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने 7 अगस्त 2025 को फैसला सुनाते हुए आरोपी को धारा 302 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास एवं ₹2000 का जुर्माना (जुर्माना अदा न करने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास) तथा धारा 307 आईपीसी के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1000 का जुर्माना (जुर्माना न देने पर 2 माह की अतिरिक्त सजा) से दंडित किया।