रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में लगातार तीसरी बार पेपर लीक होना भाजपा सरकार के पेपर लीक रोकने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के दावों की पोल खोल रहा है। सरकार हर बार जांच और कठोर कार्रवाई की बात करती है, लेकिन पेपर लीक का खेल लगातार जारी है। इससे साफ है कि सरकार की कार्रवाई सिर्फ बयानबाजी तक सीमित है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रथम वर्ष के ‘‘फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स’’ का पेपर 19 अगस्त को सुबह 10 बजे होना था, लेकिन उसी दिन सुबह करीब 4 बजे पेपर लीक हो गया। परीक्षा से कुछ घंटे पहले पेपर बाहर आ जाना विश्वविद्यालय की पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे छात्रों में भारी आक्रोश, निराशा और अपने भविष्य को लेकर असुरक्षा पैदा हुई है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रथम वर्ष के पेपर से पहले द्वितीय वर्ष के दो पेपर भी लीक हो चुके हैं। तब सरकार ने उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और भविष्य में पेपर लीक रोकने के बड़े-बड़े दावे किए थे। लेकिन तीसरी बार पेपर लीक होने से साबित हो गया कि सरकार के दावे हवा-हवाई थे।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होना किसी सामान्य लापरवाही का मामला नहीं है। यह विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था में गंभीर गड़बड़ी और पेपर लीक करने वाले संगठित गिरोह की आशंका को मजबूत करता है। आखिर बार-बार पेपर बाहर कैसे पहुंच रहा है? किसकी निगरानी में परीक्षा व्यवस्था चल रही है? छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को संरक्षण कौन दे रहा है? सरकार को इन सवालों का जवाब देना होगा।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कुलपति और विश्वविद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।सरकार को केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले को दबाने के बजाय कुलपति से लेकर परीक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। दोषी पाए जाने वालों को तत्काल पद से हटाकर कठोर कार्रवाई की जाए।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कृषि मंत्री रामविचार नेताम और उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा पर कृषि विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है। लगातार तीन बार पेपर लीक होना उनकी प्रशासनिक विफलता है। वे छात्रों के भविष्य की रक्षा करने में पूरी तरह असफल साबित हुए हैं। यदि उनमें नैतिकता बची है तो इस गंभीर विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कृषि मंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार को अब बयानबाजी बंद कर ठोस कार्रवाई करनी होगी। प्रभावित छात्रों को तत्काल आश्वस्त किया जाए कि उनके साथ अन्याय नहीं होगा, परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से दोबारा कराई जाए और दोषियों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई हो कि भविष्य में कोई भी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि तीन-तीन बार पेपर लीक होना केवल परीक्षा व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। सरकार बताए?पेपर लीक कराने वालों पर कार्रवाई कब होगी और जिम्मेदारी तय करके किसे हटाया जाएगा?