उपहार लेकर आई इंद्रावती नदी, मिल रही हैं भरपूर मछलियां

0 कष्ट देने के साथ भरण पोषण भी करती है नदी 
(अर्जुन झा) बकावंड। बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी कभी कभार लोगों को भारी मुसीबत में डाल देती है, मगर यह हर साल बाढ़ के साथ यहां के लोगों के लिए उपहार भी लेकर आती है। कभी कभी कष्टदायिनी बन जाने वाली जीवनदायिनी इंद्रावती बस्तर के लोगों का भरण पोषण भी करती है।
हाल ही में आई भीषण बाढ़ से इस बार उत्पन्न विषम स्थिति के बीच भी ग्रामीणों को रोजगार और पौष्टिक आहार का बड़ा जरिया पुण्य सलिला इंद्रावती ने दे दिया। त्यौहारों के इस मौसन लोगों को इस पावन नदी से अच्छी आमदनी हो रही है।इंद्रावती में बाढ़ के साथ उड़ीसा सेभरपूर तादाद में टेंगना, रोहू, कतला और अन्य प्रजातियों की मछलियां, केकड़े, आदि जलचर बस्तर पहुंचे हैं। इन्हे पकड़ने के लिए नदी के किनारों पर ग्रामीणों की भीड़ उमड़ रही है।

कुछ लोग छड़ी और कांटे के सहारे तो कुछ लोग डोंगी के सहारे नदी में उतर कर मछलियां पकड़ रहे हैं। घर की जरूरत के मुताबिक मछलियां रखकर बाकी मछलियों को लोग बाजारों में बेच देते हैं। इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो जाती है। ओडिशा और बस्तर के बकावंड विकासखंड में हुई भारी बारिश के चलते इंद्रावती नदी इन दिनों उफान पर है। बाढ़ के कारण कई रास्ते ब्लॉक हो गए हैं। जगदलपुर के पास का पुराना पुल जलमग्न हो गया है। वहीं बेलगांव से नगरनार और जगदलपुर को जोड़ने वाली सड़क भी पूरी तरह डूब चुकी है। इस रास्ते पर आवागमन बंद हो गया है।बकावंड की ग्राम पंचायत बनियागांव के आश्रित ग्राम बेलगांव में भारी बारिश के बाद इंद्रावती नदी में अचानक बाढ़ आ गई है। बाढ़ से बेलगांव को नगरनार स्टील प्लांट से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग का रपटा पानी में पूरी तरह डूब गया है। रपटे पर 4 से 5 फीट तक पानी बह रहा है, जिसके कारण मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल के बाढ़ग्रस्त हो जाने से नगरनार स्टील प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों और ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। जगदलपुर- रायपुर नेशनल हाईवे पर जगदलपुर के नजदीक इंद्रावती नदी पर बना पुराना पुल पूरी तरह डूब चुका है। इस पुल पर से आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है, जबकि नए हाई लेवल ब्रिज से आवागमन सुचारु रूप से जारी है।