सूरजपुर। साइबर ठगी के एक म्यूल बैंक अकाउंट की जांच करते हुए सूरजपुर पुलिस ने बड़े साइबर अपराध नेटवर्क का सुराग लगाया है। जांच में करीब 21 राज्यों के 150 बैंक खातों से जुड़े संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। इन खातों के जरिए 113 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक की रकम के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है।
I4C पोर्टल से मिला साइबर फ्रॉड का इनपुट
पुलिस के मुताबिक, सूरजपुर थाने में म्यूल अकाउंट से संबंधित एफआईआर दर्ज हुई थी। मामले की शुरुआती जानकारी I4C (इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) के ज्वाइंट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन पोर्टल से मिली थी। पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी की जांच करने पर कई बैंक खातों में साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी रकम के लेनदेन का पता चला।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि इस नेटवर्क से जुड़ी रकम सूरजपुर के एक बैंक खाते में भी पहुंची थी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित खाते और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की।
एजुकेशन संस्था के खाते से जुड़ा कनेक्शन
पुलिस जांच में सामने आया कि संदिग्ध म्यूल अकाउंट D.N. चक्रधारी एजुकेशन डेवलपमेंट एसोसिएशन नाम की संस्था से जुड़ा था। भारतीय स्टेट बैंक की सूरजपुर शाखा में संचालित इस खाते का संबंध देवनारायण चक्रधारी और महेश कुमार चक्रधारी से सामने आया।
खाते की गतिविधियों और साइबर अपराध से जुड़े कनेक्शन की जांच के बाद पुलिस ने संस्था से जुड़े महेश कुमार चक्रधारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले भी साइबर फ्रॉड के एक मामले में जेल जा चुका है।
एक आरोपी फरार, नेटवर्क की तलाश जारी
मामले में देवनारायण चक्रधारी फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपी के खाते में साइबर ठगी की कितनी रकम पहुंची और रकम को आगे किन-किन खातों में ट्रांसफर किया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जांच आगे बढ़ने पर और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
21 राज्यों, करीब 150 खातों और 113 करोड़ रुपये से ज्यादा के संदिग्ध लेनदेन से जुड़ा यह मामला साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस अब इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों और इसमें शामिल लोगों तक पहुंचने में जुटी है।