बस्तर जिले के ये बेसहारा स्कूल!

0 बारिश में ढह गया भवन, शिक्षकों का है अभाव भी है यहां 
0 ढाई माह बाद भी सुध लेने नहीं पहुंचा प्रशासन 
(अर्जुन झा)जगदलपुर। बस्तर जिले के एक गांव के दो स्कूल बेसहारा छोड़ दिए गए हैं। इस साल की बरसात में स्कूल का भवन ढह गया है, जिसकी सुध लेने प्रशासन का कोई प्रतिनिधि अब तक नहीं पहुंचा है। वहीं इन दोनों स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक भी नहीं हैं। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर से कोसों दूर स्थित इस गांव के बच्चों के लिए स्कूल चलें हम अभियान और स्कूल जाबो पढ़े बर, जिनगी ल गढ़े बर जैसे नारे केवल जुमले साबित हो रहे हैं।


यह अभागा गांव है कोरली। बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत कोरली जिले की सीमा के अंतिम छोर पर सुकमा जिले की सीमा के करीब स्थित है। कोरली घनघोर जंगलों और पहाड़ों की वादियों में बसा हुआ गांव है। वहां तक पहुंच पाना आसान नहीं है। उबड़ खाबड़ पहाड़ी रास्ते और नदी नालों को पार करके ही वहां पहुंचा जा सकता है। कोरली पर प्रकृति ने तो अपनी पूरी नेमत बरसाई है, मगर शासन, प्रशासन की नजरे इनायत इस गांव पर आज तक नहीं हो पाई है। वजह साफ है कोरली का जिला मुख्यालय से कोसों दूर एक कोने में स्थित होना। कोरली में शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला संचालित हैं। दोनों शालाओं के लिए यहां सिर्फ एक भवन नसीब था। यह भवन भी इस साल की तेज बरसात के कारण बीते जुलाई माह में धराशायी हो गया है। भवन को जमींदोज हुए करीब ढाई माह बीतने को हैं, पहली से लेकर आठवीं तक की आठ कक्षाएं इसी खंडहर हो चुके भवन में संचालित की जा रही हैं। ऐसे में यहां किसी भी क्षण गंभीर हादसा हो सकता है। इसके बावजूद प्रशासन का कोई नुमाइंदा आज तक शिक्षा व्यवस्था की खैर खबर लेने आज तक कोरली गांव में नहीं पहुंचा है। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरली गांव शासन और प्रशासन की नजरों में किस कदर उपेक्षित है। कोरली की प्राथमिक शाला में 21 और माध्यमिक शाला में 13 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। 21 की दर्ज संख्या वाली प्राथमिक शाला में एक भी शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई है, जबकि मिडिल स्कूल की तीन कक्षाओं छठवीं, सातवीं और आठवीं में अध्यापन सेवा देने के लिए महज दो शिक्षक हैं। यही दो शिक्षक प्राथमिक शाला की कक्षा पहली से पांचवी तक के भी विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। अनुमान लगाना कठिन नहीं है कि कोरली के बच्चों की पढ़ाई किस तरह हो रही होगी?