जगदलपुर। मेडिकल कॉलेज डिमरापाल के इंटर्न डॉक्टरों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रही हड़ताल 10वें दिन भी जारी रही। इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल की व्यवस्थाओं पर आंशिक असर पड़ रहा है। डॉक्टरों की प्रमुख मांग स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर है।
हड़ताल कर रहे डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन देने का प्रयास किया था, लेकिन कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद अपर कलेक्टर ने डॉक्टरों से मुलाकात कर उनका ज्ञापन शासन स्तर पर भेजने का भरोसा दिया। डॉक्टरों का कहना है कि स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पहले भी शासन को पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है।
रायपुर जाकर सरकार के सामने मांग रखने की तैयारी
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती है तो वे रायपुर जाकर सरकार के सामने अपनी बात रखेंगे। हालांकि, रायपुर जाने की तारीख अभी तय नहीं की गई है।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का फैसला शासन स्तर पर लिया जाना है। जिला प्रशासन की भूमिका डॉक्टरों का ज्ञापन संबंधित सक्षम अधिकारी तक पहुंचाने तक सीमित है।
126 इंटर्न डॉक्टर हड़ताल पर
बताया गया कि मेडिकल कॉलेज डिमरापाल के करीब 126 इंटर्न डॉक्टर हड़ताल पर हैं। अस्पताल में एक शिफ्ट में करीब 35 डॉक्टरों की टीम रहती है और तीन शिफ्टों में करीब 105 डॉक्टरों की आवश्यकता होती है। ऐसे में इंटर्न डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने से अस्पताल की व्यवस्था संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया है। मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अलग-अलग तरीके से कर रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन
इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए लगातार शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं।
- 6 अगस्त: डिमरापाल से महारानी अस्पताल होते हुए दंतेश्वरी मंदिर तक बाइक रैली निकाली गई।
- 8 अगस्त: अस्पताल के सामने झालमुरी लेकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से कहा गया कि “झालमुरी वाला ज्यादा कमा रहा है।”
- 9 अगस्त: कैंपस में पोस्टर मेकिंग कर सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया गया।
- 11 अगस्त: संजय मार्केट से हनुमान मंदिर चौपाटी, मेन रोड होते हुए दंतेश्वरी मंदिर तक पैदल मार्च निकाला गया।
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि सभी प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किए जा रहे हैं। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।