विश्व आदिवासी दिवस पर बकावंड में दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक, पारंपरिक नृत्य और नारों से गूंजा बनिया गांव

बकावंड। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बकावंड ब्लॉक के ग्राम पंचायत बनिया गांव में आदिवासी एकता और संस्कृति का भव्य आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत भवन के सामने आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और अपनी संस्कृति व परंपराओं का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने सिर पर सफेद गमछा और गले में माला धारण कर आदिवासी संस्कृति के प्रति अपनी पहचान और गौरव को प्रदर्शित किया। आयोजन की अगुवाई आदिवासी युवा नेता अमर सिंह मांझी, नीला धार भारती और अमर मौर्य ने की। वहीं ग्राम पंचायत बनिया गांव की सरपंच संतोषी मौर्य विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।

जल, जंगल और जमीन की रक्षा का लिया संकल्प

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमर सिंह मांझी ने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से जल, जंगल और जमीन का संरक्षक रहा है। उन्होंने कहा कि समाज की भाषा, रीति-रिवाज और परंपराएं उसकी सबसे बड़ी पहचान हैं। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर समाज को एकजुट होकर अपने अधिकारों और संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए।

सरपंच संतोषी मौर्य ने ग्रामीणों से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने युवाओं को शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने का संदेश दिया।

ढोल-मांदल की थाप पर थिरके ग्रामीण

कार्यक्रम के दौरान आदिवासी ध्वज फहराया गया। इसके बाद ढोल-मांदल की थाप पर महिलाओं और युवाओं ने पारंपरिक गेड़ी नृत्य प्रस्तुत किया। पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य ने पूरे आयोजन में आदिवासी संस्कृति के रंग भर दिए।

कार्यक्रम के अंत में समाज के लोगों ने एकजुटता का संदेश देते हुए ‘जोहार-जोहार’ के नारे लगाए और आयोजन का समापन किया। विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता की झलक देखने को मिली।