० न्यूज, स्पेसरानी, तूफान जैसे नामों के प्रतिभागी चयन सूची में
रायपुर। यूपीएससी की तर्ज पर पीएससी की परीक्षा आयोजित करने का वादा कर विधानसभा चुनाव में युवाओं का वोट लेने वाली छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर की भर्ती परीक्षा के प्री-परीक्षा 2024 का परिणाम 12 जुलाई को घोषित हुआ इस परीक्षा परिणाम में जो सूची जारी हुई है उसमें अनोखे नाम वाले प्रतिभागियों का नाम परीक्षा परिणाम में है, क्रमांक 467 में स्पेसरानी नाम की प्रतिभागी का नाम है। इसी तरह क्रमांक 6074 में न्यूज़ नाम का प्रतिभागी है। क्रमांक 5769 में तूफान नाम का प्रतिभागी है। क्रमांक 93 में मैन बटन का नाम का प्रतिभागी है। सूची में शामिल यह नाम बताते है कि राज्य लोकसेवा आयोग तथा सरकार परीक्षा को लेकर कितनी ज्यादा लापरवाह है। यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार युवाओं का भरोसा पूरी तरह से खो चुकी है। एडीईओ भर्ती, वनरक्षक, पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा, आरआई प्रमोशन परीक्षा सहित विगत ढाई सालों के दौरान जितने भी प्रमोशन और भर्ती परीक्षा हुए है वे सभी संदेह के घेरे में है। आरआई प्रमोशन परीक्षा में परिजन एक साथ बैठकर पेपर लिखते पाए गए, पीएससी परीक्षा के पेपर अपात्र एलबी से जांचवाए, उनके नाम सार्वजनिक किए, वनरक्षक परीक्षा में हैदराबाद की इवेंट कंपनी को शामिल कर फर्जीवाड़ा किया गया, राजनांदगांव आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में तो पूरी गड़बड़ी का ठीकरा एक आरक्षक पर फोड़कर लीपापोती कर दी गयी, जिसके चलते आरक्षक अनिल रत्नाकर को जान गवानी पड़ी। हथेली पर लिखे सुसाइड नोट में बड़े अधिकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे लेकिन कार्यवाही के नाम पर केवल लीपापोती की गई। समग्र शिक्षा में 1400 पदों पर भर्ती हुई 17 तारीख की रात को अभ्यर्थियों को सूचना भेजी गई, 18 तारीख को परीक्षा लिए और उसी दिन इंटरव्यू भी हो गया और 20 जुलाई को 1300 लोगों की लिस्ट जारी भी कर दी गई। बेहद स्पष्ट है कि चयनित अभ्यर्थियों की सूची लेनदेन करके पहले से ही तैयार कर लिया गया था। क्या यही मोदी की गारंटी थी? क्या यही बीजेपी का यूपीएससी पेटर्न में भर्ती परीक्षा देने का तरीका है?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के सरकारी नौकरी में रोजगार के अधिकार को बोली लगाकर बेचने का काम यह सरकार कर रही है। भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी भाजपा सरकार के संरक्षण में ही हो रहा है, नकल कराने वाले लोग सत्ता के संरक्षण में रैकेट चला रहे हैं। पीडब्ल्यूडी सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में नकल करते पकड़े गये छात्रों के संदर्भ में बेहद गंभीर तथ्य उजागर हुये थे। भर्ती प्रक्रिया से संबंधित पीडब्लूडी विभाग डिप्टी सीएम अरुण साव का है जो बिलासपुर जिले से ही आते है, जहां सेंटर था, और नकल करते पकड़े गए परीक्षार्थी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले से थे।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के युवाओं से वादा किया था कि छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों में भर्ती की परीक्षाएं यूपीएससी की पैटर्न पर किया जाएगा, लेकिन किए उल्टा जो जिस व्यक्ति पर पूरे देश में नीट की परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप है, जिसके रहते लाखों मेडिकल छात्रों का भविष्य खराब हुआ, देश की बदनामी हुई उसे लाकर छत्तीसगढ़ राज्य सेवा आयोग के ऊपर बैठा दिया गया। भाजपा का षड्यंत्र उजागर हो चुका है, पिछले ढाई साल में कोई भी भर्ती परीक्षा बिना गड़बड़ी के संपन्न नहीं हुई है, तथ्यों के साथ आरोप लगे, पर निष्पक्ष जांच अब तक नहीं की गई। इस सरकार का रवैया शुतुरमुर्ग के समान है।