असंवेदनशील भाजपा सरकार मजदूरों के शवों को नहीं ला पाई, भाजपाई बेशर्मी से बचाव कर रहे – कांग्रेस

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर के कुलगाम में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की आतंकी हमले में मौत के बाद उनका शव अंतिम संस्कार के लिये उनके गृह ग्राम नहीं लाने के बाद भाजपा द्वारा सरकार के इस अमानवीय कृत्य को जायज ठहराया जाना भाजपा की बेशर्मी की पराकाष्ठा है। एक तो सरकार अपने प्रदेश के मजदूरों को उनकी मौत के बाद यथोचित सम्मान नहीं दे पाई, ऊपर से भाजपा संगठन सरकार के इस अमानवीय और असंवेदनशील कदम की पैरोकारी कर रहे है। सरकार बताये कि मृत मजदूरों के शवों को उनके घरों तक लाने में सरकार को क्या परेशानी थी? क्या बाधा थी, जो सरकार ने उनके शवों को सम्मान देना उचित नहीं समझा।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बताते है कि मृतक के परिजन शवों को अपने गृह ग्राम लाना चाहते थे, वहां की सरकार के तरफ से कहा गया वही पर क्रियाकर्म किया जाए, हम मदद नहीं करेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी कोई प्रयास नहीं किया। जबकि राज्य सरकार चाहती तो केंद्र से कह कर या अपना जहाज भेजकर शव ला सकते थे।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार की इच्छाशक्ति नहीं थी अन्यथा मजदूरों के शवों को लाने में कोई परेशानी नहीं थी, सरकार स्पष्ट करे कि उसने शवों को राज्य में उनके घरों तक लाने का क्या विशेष प्रबंध किया था तथा किन विशेष परिस्थितियों के कारण शवों को नहीं ला पाये, जैसा की भाजपा ने दावा किया है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपाई अपनी सरकार की अमानवीय गलती छुपाने के लिए कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाना बंद करे। कांग्रेस की सरकार के समय कभी भी, किसी भी शहीद का अपमान नहीं हुआ। भाजपा में साहस है तो एक भी नाम सहित उदाहरण बताये। शहीद की बात छोड़िये भूपेश सरकार ने तो सरकारी अस्पतालों में मृत मरीजों तक के शव निःशुल्क उनके घरों तक भेजने के लिए एंबुलेंस सेवा शुरू किया था।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार की नजर में गरीब का कोई अहमियत नहीं है। मारे गये दोनों मजदूर थे, गरीब थे, अनुसूचित जाति के थे इसलिए सरकार ने उनके शवों को उनके गृह ग्राम तक लाना जरूरी नहीं समझा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *