० बस्तर सांसद महेश कश्यप ने जमकर साधा कांग्रेस पर निशाना : कांग्रेस की राजनीति बस्तर के विकास की नहीं, बल्कि बस्तर के खून की राजनीति रही है
० ‘जहाँ कभी नक्सलियों की बंदूक की आवाज गूंजती थी और सुरक्षाबलों व आम लोगों का खून बहता था, वहाँ आज विकास के वाहनों की आवाज गूंज रही है’
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के सांसद महेश कश्यप ने कहा है कि कांग्रेस की राजनीति बस्तर के विकास की नहीं, बल्कि बस्तर के खून की राजनीति रही है। दशकों तक कांग्रेस सरकारें बस्तर के दूरस्थ इलाकों को जानबूझकर अंधेरे में रखती रहीं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल— कुछ भी नहीं पहुँचाया क्योंकि यदि बस्तर का विकास होता तो उनकी वर्षों पुरानी विफल, रक्तपायी और नक्सली-पोषक राजनीति बेनकाब हो जाती। बस्तर को लेकर प्रदेश कांग्रेस की ओर से किए गए ट्वीट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि बस्तर के गाँव मुख्यधारा से जुड़ें। कांग्रेसी चाहते थे कि बस्तर के लोगों में भय बना रहे, बंदूक का आतंक बना रहे, ताकि वे “आदिवासी हितैषी” का नाटक करते रह सकें।
भाजपा सांसद कश्यप ने कहा कि सिलगेर-तुमलपाड़-पूवर्ती सड़क अब बस्तर के हो रहे विकास का जीवन्त प्रमाण है। लगभग 50 किलोमीटर लम्बी यह सड़क उसी क्षेत्र में बन रही है जो लम्बे समय तक कुख्यात नक्सली कमाण्डर हिडमा और उसके गिरोह का गढ़ रहा। यहीं पर नक्सलियों ने दर्जनों हमले किए। सुरक्षाबलों के जवानों को आईईडी से उड़ाया गया, घात लगाकर मार गिराया गया। आम नागरिकों—मजदूरों, गाँव वालों, महिलाओं और बच्चों— किसी को भी नहीं बख्शा गया। हिडमा के नेतृत्व में हुए हमलों में सैकड़ों सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और दर्जनों निर्दोष नागरिकों का खून बहा। श्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में न तो इन हत्यारों पर निर्णायक कार्रवाई हुई और न ही इस खूनी क्षेत्र में कोई आधारभूत परियोजना आगे बढ़ाई गई। पूरा इलाका दशकों तक विकास से वंचित रहा, क्योंकि कांग्रेस के लिए नक्सली आतंक राजनीतिक रूप से सुविधाजनक था। श्री कश्यप ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने इस खूनी अध्याय को हमेशा के लिए बंद करने का संकल्प लिया। नक्सलवाद पर कड़ा और निर्णायक प्रहार, साथ ही विकास का तेज़ विस्तार— यही नीति अपनाई गई। बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन के माध्यम से सिलगेर-तुमलपाड़-पूवर्ती सड़क का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। जहाँ कभी नक्सलियों की बंदूक की आवाज गूंजती थी और सुरक्षाबलों व आम लोगों का खून बहता था, वहाँ आज विकास के वाहनों की आवाज गूंज रही है। सड़क के साथ आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य सेवाएँ, स्कूल, पेयजल और सरकारी योजनाएँ गाँव-गाँव पहुँच रही हैं।
भाजपा सांसद कश्यप ने कहा कि कांग्रेस की परेशानी यही है कि बस्तर अब बदल रहा है। जिन इलाकों को वे दशकों तक अंधेरे, भय और खून में डुबोए रखना चाहते थे, वहाँ विकास का उजाला पहुँच रहा है। इसलिए कांग्रेस अब विकास कार्यों पर सवाल खड़े करके जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। लेकिन बस्तर की जनता अब अच्छी तरह समझ चुकी है कि कौन विकास चाहता है और कौन विकास से डरता है? कौन सुरक्षाबलों और आम नागरिकों के खून पर राजनीति करता रहा और कौन उस खून का बदला लेकर विकास ला रहा है? श्री कश्यप ने कहा कि भाजपा सरकार का संकल्प स्पष्ट और अटल है— बस्तर में अब विकास नहीं रुकेगा। सड़कें बनेंगी, स्कूल खुलेंगे, अस्पताल पहुँचेंगे और हर गाँव तक शासन की योजनाएँ पहुँचेंगी। कांग्रेस चाहे जितना शोर मचाए, जितना विरोध करे— बस्तर अब भय, बंदूक और खून की नहीं, बल्कि विकास, विश्वास, सुरक्षा और सुशासन की पहचान बनेगा।