0 उछालें मार रहा है चित्रकोट वाटरफॉल
0 स्थानीय लोगों को मिल रहा है अच्छा रोजगार
(अर्जुन झा)जगदलपुर। छत्तीसगढ़ का नियाग्रा कहे जाने वाला और बस्तर की शान माने जाने वाला चित्रकोट वाटरफॉल इन दिनों पूरे शबाब पर है। पचासों फीट ऊंची चट्टानों से गिरती इंद्रावती की जलधाराएं मनभावन दृश्य बना रही हैं। चित्रकोट प्रपात स्थानीय लोगों की उम्मीदों की बौछार भी लेकर आया है। बड़ी संख्या में यहां पर्यटकों के पहुंचने से स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।
बस्तर संभाग में लगातार हो रही बारिश से चित्रकोट जलप्रपात पूरे शबाब पर आ गया है। इंद्रावती नदी की गरजती जल धाराएं इस वाटरफॉल के मुहानों से गिरकर धरती का जलाभिषेक करती हैं तो बड़ा ही मनोरम दृश्य उत्पन्न हो जाता है। वाटरफॉल से उड़ते जल के महीन कण आसपास रमणीय दृश्य बना देते हैं। उड़कर शरीर पर इन बूंदों के टकराने से तन मन हर्षित और प्रफुल्लित हो उठते हैं। पिछले तीन दिनों में यहां पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बंगाल महाराष्ट्र, उड़ीसा और केरल के पर्यटक अपने परिवार मित्र मंडली समेत पहुंच कर इस जलप्रपात के विहंगम दृश्य का नजारा देख रहे हैं। चित्रकोट स्थित होटल नेचर व्यू के संचालक श्री राव ने बताया कि अब पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है जिससे हम लोगों का व्यवसाय भी बढ़ा है। कई पर्यटकों को जहां मांसाहार में स्थानीय मछली पसंद आ रही है, तो शाकाहारी पर्यटक पूरी जानकारी के बाद फूटू, बोड़ा और स्थानीय भाजियों की मांग करते हैं। श्री राव ने बताया कि वे अपने स्थानीय कुशल कुक से पर्यटकों को उनकी पसंद की हर डिश उपलब्ध कराते हैं।छत्तीसगढ़ सरकार ने यहां पर्यटकों के लिए जो उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, वे भी पर्यटकों को रास आ रही हैं। अच्छी सुविधाएं और मन पसंद भोजन की व्यवस्था हो जाने से चित्रकोट वाटरफॉल का दीदार करने प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक आ रहे हैं।