रायपुर। कांकेर में 10 दिनों में 3 लोगों की मलेरिया से मौतो पर चिंता व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि चिंता का विषय है कि ढाई सालों में सरकार के द्वारा बरती गयी लापरवाही से एक बार फिर बस्तर में लोगों की मलेरिया से मौतें हो रही है। 6 माह में बस्तर में 26 लोगों के मलेरिया से बीमार होने के प्रकरण सामने आये है। बस्तर में मलेरिया और डायरिया से मौते बड़ी समस्या थी। कांग्रेस की सरकार ने 2018 से 2023 के बीच प्रभावी अभियान चलाकर इस पर नियंत्रण पाया था। लेकिन भाजपा की सरकार ने इस दिशा में लापरवाही बरता जिसका दुष्परिणाम सामने आ रहा है। मलेरिया मुक्त अभियान केवल कागजो में चल रहा है। सरकार के द्वारा बांटी जा रही मेडिकेटेड मच्छरदानी नहीं बाटी जा रही है। सरकार बस्तर के लोगो के जीवन से खिलवाड़ कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कांग्रेस सरकार के पांच साल के दौरान हाट बाजार क्लिनिक और मेडिकेटेड मच्छर दानियों के वितरण से बस्तर सरगुजा कवर्धा जशपुर के आदिवासी अंचलों मे मलेरिया और डायरिया से लोगों कि मौतों मे विराम लग गया था। बहुत ही दुर्भाग्य जनक है कि ढाई सालों में ही साय सरकार ने दूरस्थ अंचलों की स्वास्थ्य सेवाओं को बंद कर दिया है स्वास्थ्य केंद्र मे डॉक्टरों की उपलब्धता नहीं है तो दुर्भावना पूर्वक हाट बाजार क्लीनिक योजना को बंद कर दिया इस योजना के माध्यम से आदिवासी अंचल में लोगों को सहज प्रारंभिक इलाज मिल जाता था।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा की आदिवासी मुख्यमंत्री बनने के बाद आदिवासी क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी की मुख्यमंत्री उनके लिए अतिरिक्त संवेदनशीलता दिखाएंगे लेकिन दुर्भाग्य जनक है की उनके राज्य मे आदिवासी सबसे ज्यादा असुरक्षित है। विष्णु देव साय आदिवासियों की जीवन रक्षा नहीं कर पा रहे है।