रायपुर। राजधानी के मोवा स्थित अशोका आइकन अपार्टमेंट में हुई करीब 70 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। मामले में प्रार्थी के घर काम करने वाला घरेलू रसोइया ही चोरी का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने उसके साथी के साथ दोनों आरोपियों को नागपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर चोरी की पूरी रकम और जेवरात बरामद कर लिए हैं।
पुलिस के अनुसार, अशोका आइकन निवासी पंकज अग्रवाल 26 जुलाई को अपने परिवार के साथ निजी काम से नया रायपुर गए थे। घर पर उनका रसोइया महेन्द्र कुमार यादव मौजूद था। शाम को परिवार वापस लौटा तो घर का पिछला गेट खुला मिला। अंदर जाकर देखा गया तो बेडरूम और अलमारी के दरवाजे खुले थे। अलमारी में रखी 51.50 लाख रुपये की नकदी, सोने-चांदी के जेवरात, गिन्नी, सिक्के, पेन ड्राइव और महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब थे। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त उत्तर क्षेत्र दीपमाला कश्यप के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा पंडरी थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में महेन्द्र कुमार यादव एक बैग लेकर घर से बाहर निकलता दिखाई दिया। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी था। इसके बाद पुलिस ने दोनों के भागने के संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज की कड़ियां जोड़ीं।
जांच में पता चला कि दोनों आरोपी रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे और समता एक्सप्रेस से नागपुर की ओर रवाना हो गए। पुलिस ने तत्काल रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से संपर्क कर आरोपियों के फोटो और हुलिए की जानकारी साझा की। इसके बाद नागपुर रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में महेन्द्र ने अपने साथी पिंटू यादव उर्फ अभिषेक यादव के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाना स्वीकार किया। पुलिस के मुताबिक, दोनों को परिवार के घर से बाहर जाने की जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर उन्होंने घर में रखी नकदी और जेवरात पर हाथ साफ किया।
वारदात के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से घड़ी चौक पहुंचे और बाइक पार्क कर किराये के वाहन से रायपुर रेलवे स्टेशन गए। पुलिस से बचने के लिए दोनों ट्रेन से नागपुर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस की तकनीकी निगरानी और RPF के साथ त्वरित समन्वय के चलते उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 51.50 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवरात, गिन्नी, सिक्के, चांदी का सिक्का, पेन ड्राइव और महत्वपूर्ण दस्तावेज समेत करीब 70 लाख रुपये का पूरा मशरूका बरामद किया है। घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में महेन्द्र यादव (22), निवासी बांका, बिहार, जो प्रार्थी के घर में रसोइया था, और उसका साथी पिंटू यादव उर्फ अभिषेक यादव (25) शामिल है। दोनों के खिलाफ पंडरी थाने में BNS की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।