बस्तर। ग्राम पंचायत मंगनार में करीब 15 वर्ष पुरानी पानी टंकी जर्जर होने के कारण ग्रामीणों को गंभीर पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। टंकी से लगातार पानी रिसने के कारण पर्याप्त जल संग्रहित नहीं हो पा रहा है, जिससे गांव के कई घरों तक नियमित पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है।
पेयजल समस्या से परेशान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बस्तर विधायक एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत भवन के पास स्थित पानी टंकी लंबे समय से खराब हालत में है। टंकी में पानी भरने के बाद रिसाव के चलते पानी सड़क पर बह जाता है और घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता।
ग्रामीणों ने विधायक से मांग की कि जर्जर पानी टंकी का जल्द से जल्द मरम्मत और जीर्णोद्धार कराया जाए, ताकि गांव में नियमित और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था बहाल हो सके।
पीएचई अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश
ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद विधायक लखेश्वर बघेल ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर पानी टंकी का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। विधायक ने अधिकारियों से आवश्यक मरम्मत और जीर्णोद्धार की प्रक्रिया बिना देरी शुरू करने को कहा।
उन्होंने कहा कि पेयजल प्रत्येक नागरिक की मूलभूत आवश्यकता है और ग्रामीणों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। किसी भी गांव में जर्जर व्यवस्था के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।
जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन पर उठाए सवाल
विधायक बघेल ने कहा कि बस्तर क्षेत्र के कई गांवों में आज भी पेयजल की समस्या बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि वे लगातार पत्रों और विधानसभा के माध्यम से इस मुद्दे को सरकार के सामने उठाते रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन और अन्य पेयजल योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन कई गांवों में जमीनी स्थिति अलग है। कई स्थानों पर योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है और कार्यों में लापरवाही के कारण आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मंगनार की पानी टंकी के जीर्णोद्धार और पेयजल व्यवस्था को सुचारु करने के लिए वे विभागीय अधिकारियों से लगातार मॉनिटरिंग करेंगे। जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे को शासन स्तर पर भी उठाया जाएगा। इस दौरान उपसरपंच जगू राम नेताम, पंच मंगलू राम कश्यप, बेनीराम बघेल, तपेश्वर देवांगन, गौचन देवांगन, धरमू राम बघेल, गुनीराम और सेमलाल बघेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।