बीजापुर ने रचा इतिहास : तेंदूपत्ता नीलामी में वर्षों का सर्वाधिक रिकॉर्ड मूल्य, वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बधाई

० नई तेंदूपत्ता नीति और गुणवत्तापूर्ण संग्रहण का मिला शानदार परिणाम, संग्राहकों की मेहनत लाई ऐतिहासिक सफलता

बीजापुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने बीजापुर जिला यूनियन द्वारा तेंदूपत्ता नीलामी में वर्षों का सर्वाधिक रिकॉर्ड मूल्य प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी तेंदूपत्ता संग्राहकों, प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों तथा वन विभाग की पूरी टीम को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि वनाधारित आजीविका को सशक्त बनाने और वनवासी परिवारों की आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बीजापुर जिला यूनियन की 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के अंतर्गत 45 तेंदूपत्ता लॉटों का विभागीय संग्रहण किया गया, जिनमें से 36 लॉटों पर प्रतिस्पर्धात्मक निविदाएँ प्राप्त हुईं। 4 लॉटों को ₹10,000 प्रति मानक बोरा से अधिक, 8 लॉटों को ₹9,000 से अधिक, 4 लॉटों को ₹8,000, 10 लॉटों को ₹7,000 से अधिक तथा शेष लॉटों को भी उत्कृष्ट दरें प्राप्त हुईं। यह वर्षों में बीजापुर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।

उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण की गुणवत्ता, वैज्ञानिक उपचार, सुव्यवस्थित भंडारण और पारदर्शी नीलामी व्यवस्था के कारण बीजापुर को यह ऐतिहासिक सफलता मिली है। इससे हजारों संग्राहक परिवारों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा तथा बोनस के रूप में भी उन्हें अतिरिक्त लाभ प्राप्त होगा।

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बीजापुर ने यह सिद्ध कर दिया है कि सामूहिक प्रयास, गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली और पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से वनाधारित अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है। यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक है।

उन्होंने बीजापुर जिला यूनियन की सभी 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों, तेंदूपत्ता संग्राहकों, स्थानीय ग्रामीणों, समिति पदाधिकारियों तथा वन विभाग के मैदानी अमले को इस ऐतिहासिक सफलता पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में भी बीजापुर नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। उन्होंने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला यूनियन बीजापुर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा सभी प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के पदाधिकारियों के योगदान की भी सराहना की।

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