गोपाल स्पंज आयरन द्वारा कब्जाई गई जमीन वापस मांगी आदिवासियों ने

० चपका में आयरन उद्योग की स्थापना के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन 
०  राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन 
जगदलपुर। बस्तर जिले की ग्राम पंचायत चपका में स्थापित होने जा रहे गोपाल स्पंज आयरन उद्योग के खिलाफ छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने बड़ा मोर्चा खोल दिया है। आदिवासी संबंधित उद्योग द्वारा कब्जाई गई जमीन की वापसी और उद्योग की स्थापना न होने देने की मांग कर रहे हैं।
बस्तर जिले की ग्राम पंचायत चपका में निजी क्षेत्र के आयरन उद्योग स्थापना पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले राज्यपाल के नाम बस्तर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। चपका से बस्तर नगर पंचायत के मांझीपारा से रैली निकालते हुए लाल बहादुर शास्त्री खेल मैदान पहुंचकर सभा का आयोजन किया गया। तत्पश्चात तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान संगठन ने आरोप लगाया कि उद्योग स्थापना में पांचवीं अनुसूची क्षेत्र और पेसा अधिनियम 1996 के नियमों का उल्लंघन हो रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि मेसर्स गोपाल स्पंज एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा चपका ग्राम में भूमिहीन कृषकों को आबंटित कृषि भूमि खसरा नंबर 162/01 से 162/28 कुल 16.37 हेक्टेयर पर अनधिकृत कब्जा कर लिया गया है। इस जमीन पर पक्की चार दीवारी बनाकर भूमि-स्वामी कृषकों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। संगठन ने मांग की है कि शासन सीमांकन कराकर आबंटित भूमि कृषकों को वापस दिलाए। साथ ही 12 अप्रैल 2021 कोविड महामारी के दौरान धारा 144 में जिला प्रशासन द्वारा उद्योग स्थापना पर पर्यावरणीय जन सुनवाई में असहमति जताने पर 164 ग्रामीणों पर दायर आपराधिक प्रकरण और 10 अप्रैल 2026 को चोड़साड़ वार्षिक डंडजात्रा पर चपका के 8 प्रमुखों के खिलाफ दर्ज प्रकरण वापस लेने की भी मांग की गई।
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सांस्कृतिक धरोहर बचाने गुहार
संगठन ने कहा है कि ग्राम चपका मार्कंडे नदी तट पर बसा एक पवित्र सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर स्थल है। यह सभी समुदायों की आस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इसे आदिवासियों की आस्था के अनुरूप संरक्षित किया जाए। ज्ञापन में संविधान की धारा 244(1) के तहत पांचवीं अनुसूची में राज्यपाल को प्रदत्त अधिकारों का हवाला देते हुए चपका में प्रस्तावित औद्योगिक स्थापना पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। इस दौरान सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक अरविंद नेताम, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज राजाराम तोड़ेम, जिला अध्यक्ष दशरथ कश्यप, जिला पंचायत सदस्य शकुंतला कश्यप, कौशल नागवंशी, सोनसाय कश्यप, रमेश कश्यप, नकछेढी कश्यप, चंदरु बघेल, रतिराम कश्यप, इंद्रावती बचाओ संघर्ष समिति अध्यक्ष लखेश्वर कश्यप. के साथ ही गोपाल स्पंज आयरन संयंत्र विरोध संघर्ष समिति से जुड़े चपका, सोनारपाल समेत प्रभावित 12 गांवों के आदिवासी समाज के लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।

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