
० मांगें पूरी न हुईं तो अगस्त में होगा प्रदेशव्यापी धरना
० बस्तर में मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ बस्तर के पदाधिकारियों ने मंगलवार को अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी बस्तर एवं जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आगामी 4 एवं 5 अगस्त को प्रदेश स्तरीय दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
ज्ञापन में संघ ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में कार्यरत संविदा शिक्षकों एवं कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं का उल्लेख करते हुए शिक्षा विभाग में संविलियन, वार्षिक वेतन वृद्धि, वेतन विसंगति दूर करने, सेवा सुरक्षा, पीएफ सुविधा तथा मध्यप्रदेश की तर्ज पर संविदा नियम लागू करने जैसी प्रमुख मांगें रखीं हैं। संघ का कहना है कि विगत पांच वर्षों से हजारों संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमित वेतन वृद्धि, सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति का लाभ नहीं मिल सका है। संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी राहुल कुमार पाण्डेय ने कहा कि स्वामी आत्मानंद विद्यालयों की सफलता के पीछे संविदा शिक्षकों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान है। सरकार को उनकी सेवा, समर्पण और भविष्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मांगों पर गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगा। बस्तर संभाग अध्यक्ष प्रकर्ष राव पत्की ने कहा कि संघ का उद्देश्य टकराव नहीं बल्कि समाधान है। हम लगातार संवाद और ज्ञापनों के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचा रहे हैं। संविदा कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को नजरअंदाज करना उनके मनोबल को प्रभावित करेगा। सरकार को समय रहते सकारात्मक पहल करनी चाहिए। बस्तर जिला अध्यक्ष प्रवीण अर्डे ने कहा कि बस्तर जिले सहित पूरे प्रदेश के संविदा शिक्षक और कर्मचारी एकजुट हैं। हमारी पांचों मांगें कर्मचारियों के हित और शिक्षा व्यवस्था की मजबूती से जुड़ी हुई हैं। यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो आगामी अगस्त माह में प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय धरना ऐतिहासिक होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी राहुल कुमार पाण्डेय, बस्तर संभाग अध्यक्ष प्रकर्ष राव पत्की, बस्तर जिला अध्यक्ष प्रवीण अर्डे, सरिता जोशी, समीर अली, जशवंत सिंह ठाकुर, नितिन रामटेके सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। संघ ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार संविदा शिक्षकों एवं कर्मचारियों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर शीघ्र निर्णय लेगी, जिससे प्रदेश में किसी प्रकार की आंदोलनात्मक स्थिति निर्मित न हो।