तंबाकू से कमजोर कर रही हड्डी को, बढ़ रही है आर्थो की समस्या

० सीसीएसएच में अब होने लगी हड्डी की जटिल सर्जरी, मरीजों को बड़ी राहत 
जगदलपुर। बस्तर अंचल में तंबाकू का सेवन आम है। पुरुषों के साथ ही महिलाओं और अब किशोर वय बालक – बालिका भी तंबाकू की लत के शिकार हो रहे हैं। तंबाकू का सेवन गंभीर बीमारियों को तो आमंत्रित करता ही है, पर चिकित्सा विज्ञान ने माना है कि हड्डियों को भी कमजोर करने तंबाकू प्रमुख कारक है।
हड्डियों की समस्याओं की पहचान और उसके निदान करने अब महानगरों और बड़े हॉस्पिटल तक दौड़ लगाने से बस्तरवासियों को राहत मिल रही है। कांटीनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जगदलपुर में हड्डी की जटिल समस्या का उपचार आसानी से किया जा रहा है।इनमें कई मरीजों के उपचार के लिए सर्जरी भी इसी हॉस्पिटल में हो रही है।

रॉड टूटा, फिर हुआ ऑपरेशन अब राहत
सीसीएसएच पहुंचे नागेश कड़ती नामक एक पेशेंट की जांघ की हड्डी करीब दो साल पहले टूट गई थी। उन्हें राहत दिलवाने पहले अन्य हॉस्पिटल में रॉड लगाई गई थी। कुछ दिनों से उन्हें भीषण दर्द हो रहा था। मरीज ने सीसीएसएच पहुंचा, जहां आर्थोपैडिक सर्जन डॉ. पुष्पेंद्र सिंह राठौर से मिलकर अपनी समस्या बताई। डॉ ने उनका एक्सरे लिया। पता चला कि उनकी जांघ में लगी हुई रॉड दो जगह से टूट गi है। डॉ. पुष्पेंद्र राठौर ने उनकी सर्जरी की और टूटी रॉड को बाहर निकाल कर नई रॉड लगाई। बेहतर उपचार के बाद मरीज डिस्चार्ज हो गया है। इसी तरह बाइक दुर्घटना में एक अन्य मरीज दिनेश के कॉलर बोन की हड्डी टूट गई थी। सामान्यतः गले के नजदीक इस जगह पर उपचार के लिए सर्जरी करने बड़ा चीरा लगाना होता है। मरीज की स्थिति और उम्र को देखते हुए इस मरीज का उपचार करने डॉ पुष्पेंद्र ने दो छोटे- छोटे चीरे लगाए और मरीज का ऑपरेशन किया। फिलहाल दिनेश की हालत सामान्य है और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है।

तंबाकू से बनाएं दूरी
तंबाकू के सेवन से हड्डियां भी प्रभावित होती हैं। हड्डी कमजोर होने से हल्का दबाव पड़ने पर वो टूट जाती है। इसलिए तंबाकू के सेवन से बचें। हड्डियों को जोड़ने और उसकी सेहत के लिए हाई प्रोटीन डाइट लेनी चाहिए।
-डॉ पुष्पेंद्र राठौर,
आर्थोपेंडिक सर्जन

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