भाजपा ने वंचित वर्गों के साथ अन्याय ही किया है, दलित, आदिवासी और ओबीसी वर्ग का अधिकार छीना है – सुरेंद्र वर्मा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की सरकारों पर वंचित वर्गों के साथ अन्याय और भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी मूल रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग विरोधी है। भारतीय जनता पार्टी का चरित्र रहा है कि विभिन्न वंचित वर्ग के लोगों को सिर्फ मतदाता के रूप में यूज करती है। छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया था। उस समय यह विधेयक को राजभवन में रोक लगा दिया गया। भाजपा की सरकार बनने के बाद कमेटी बनाकर लटका दिया गया है। यदि भाजपा पिछड़ा वर्ग के हितैषी है तो अभी तक आरक्षण विधेयक क्यो लागू नही किया? इस विधेयक में सभी वर्गो के लिये आरक्षण है, अनुसूची जाति को प्रदेश में उनकी आबादी के हिसाब से 20 से बढ़ाकर 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 12 से बढ़ा कर 13 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत, इसके अलावा सामान्य वर्ग के गरीब अर्थात ईडब्लूएस के लिए भी आरक्षण का प्रावधान है लेकिन भाजपा नही चाहती है कि वंचित वर्गों को उनके हक के अनुरूप आरक्षण मिले। राहुल गांधी पिछड़ा वर्ग के लोगों से मिलकर उनकी समस्या को आगे कर रहे है इस देश में जातिजनगणना हो रही है राहुल गांधी के आवाज उठाने के कारण हो रही है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि ओबीसी विरोधी केंद्र की मोदी सरकार पिछड़ा वर्ग समुदाय को महिला आरक्षण में पृथक से कोटा देना ही नहीं चाहती, जनगणना 2026-27 में जो घरों की गिनती के लिए ऑनलाइल फार्म जारी किया गया है उसमें केवल अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और सामान्य का कॉलम है, अन्य पिछड़ा ऑप्शन में है ही नहीं, झूठे दावे करके भ्रम फैलाना और उसका राजनैतिक लाभ लेने के बजाय घरों की गढ़ना फार्म में भी अन्य पिछड़ा वर्ग का विकल्प दे सरकार।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार ने स्थानीय निकाय (त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय) चुनाव में आरक्षण के प्रावधानों में षडयंत्र पूर्वक ओबीसी विरोधी परिवर्तन किया है। पहले तो कहा गया पिछड़ा वर्ग के लिये 50 प्रतिशत आरक्षण किया जायेगा, जब नियम बनाया तो पिछड़ा वर्ग के लिये आरक्षण शून्य की स्थिति में पहुंच गया। पूरे प्रदेश में जिला पंचायत का एक भी अध्यक्ष पद पिछड़ा वर्ग के लिये आरक्षित नहीं हुआ। नये आरक्षण प्रावधान में पिछड़ा वर्ग के लिये पंचायतों में आरक्षण कम कर दिया गया। रायपुर जिला पंचायत में 16 क्षेत्रों में से केवल 4 ओबीसी के लिए आरक्षित है। बिलासपुर जिले में सदस्यों के 17 में से केवल एक क्षेत्र क्रमांक 1 में ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है, ओबीसी पुरुष के लिए 17 में से एक भी सीट आरक्षित नहीं है। इसी तरह बिलासपुर जिले के अंतर्गत चार जनपद पंचायतों में से एक भी जनपद पंचायत अध्यक्ष का पद ओबीसी के लिये आरक्षित नहीं है। भाजपा का पिछड़ा वर्ग विरोधी चेहरा बेनकाब हो चुका है।

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