रायपुर। शाही एक्सपोर्ट सहित प्रदेश में चल रहे कौशल प्रशिक्षण केंद्रों की जांच की मांग करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि शाही एक्सपोर्ट दिशा कॉलेज के पास नारायणी मंगल भवन रामनगर कोटा रोड 18 साल से 35 साल के आठवीं पास महिलाओं एवं युवती को निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण देने एवं प्रशिक्षण के बाद नौकरी की गारंटी एवं अन्य सुविधाओं के लुभावने ऑफर देने वाला पाम्पलेट बांटकर कैम्प किया जा रहा है और उनकी संस्था को कलेक्टर से अनुमति की जानकारी देकर युवतियों को झांसे में लिया जा रहा है। पाम्पलेट में भारत सरकार का मोनो भी लगा है। युवतियों ने जानकारी दी कि ट्रेनिंग में जाने के संदर्भ में जनपद पंचायत डोंगरगढ़ में महिलाओं एवं युवतियों को बुलाया गया था वहां संस्था से जुड़े लोग भी थे। इस झांसे में फंसकर हाल ही में राजनांदगांव जिला की 6 युवतियां रायपुर में ट्रेनिंग के लिए पहुंची यहां पहुंचने पर लड़कियों को ट्रेनिंग के लिए बैंगलोर भेजने की जानकारी लगी तो लड़कियां घबरा गई और मना की तो उन्हें कमरे से बाहर निकलने से रोकने की जानकारी युवतियों ने दी। अब सवाल ये उठता है कि क्या प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम बंद है? क्या ये ट्रेनिंग एवं नौकरी के लिए राज्य से बाहर युवतियों को भेज रहे, सरकार की अनुमति से हो रहा है? अभी तक शाही एक्सपोर्ट ने प्रदेश से कितनी युवतियों एवं महिलाओं को नौकरी में बाहर भेजा है? क्या इसकी जानकारी प्रशासन को है इसकी जांच होनी चाहिये?
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि शाही एक्सपोर्ट के पाम्पलेट पर दिये नम्बर पर जानकारी ली गई तो बताया गया कि कलेक्टर से अनुमति लेकर ट्रेनिंग दे रहे है। इस मामले में कलेक्टर राजनंदगांव ने इस प्रकार से अनुमति से इंकार किये है। वहीं पूरे मामले की जांच कराने एवं कार्यवाही करने का आश्वासन दिये है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि वैसे ही प्रदेश से बेटियों के गायब होने एवं दूसरे राज्यों में काम दिलाने युवतियों को ले जाने की घटना सामने आ रही है, ऐसे में शाही एक्सपोर्ट सहित अन्य निजी ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे है उसकी जांच होनी चाहिये। अब तक कितने युवतियों को प्रशिक्षण देनी वाली संस्थाओं ने नौकरी में बाहर भेजा है जांच किया जाये, जो ट्रेनिग संस्थाओं के बाहर युवतियां गई है उनको सम्मानजनक काम, वेतन एवं अन्य सुविधा मिल रहा है कि नही उनका शोषण तो नही हो रहा है कोई दबाव तो नहीं डाला जा रहा है जांच की जाये एवं कड़ी कार्यवाही की जाये। सरकार बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।