रायपुर। आयुष्मान योजना से प्रदेश के कई निजी अस्पतालों को बाहर करने और कई को निलंबित करने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार में गरीब मरीजों के सामने अपना ईलाज कराने गभीर संकट उतपन्न हो गया। सरकारी अस्पताल सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। अब आयुष्मान योजना के तहत जो निजी अस्पताल इलाज कर रहे थे, पहले तो उनका भुगतान नहीं किया गया। अब 33 से अधिक अस्पतालों को योजना से ही बाहर कर दिया गया। कई अस्पतालों को निलंबित कर दिया गया। ये तो गरीब मरीजों के साथ सरकार की क्रूरता है। मरीज पहले ही बीमारी से लड़ रहे उन्हें अब ईलाज कराने कर्ज लेना पड़ेगा, अपनी जमीन, जेवर गिरवी बेचना पड़ेगा।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार ने जिन निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना से बाहर किया है, निलंबित किया है, उसे गरीबों के हित में तत्काल आदेश वापस लेना चाहिए। क्योंकि इन निजी अस्पतालों को आयुष्मान योजना से इलाज करने सरकार ने ही अधिकृत किया था। उस दौरान जब नियम कायदे सही थे तो अब गलत कैसे हो गया? निजी अस्पतालों से मांगी गई जानकारी के लिए उन्हें समय दिया जाये। जानकारी की कमी के कारण रोक की कार्यवाही उचित नही है, इससे गरीब मरीजों के आगे ईलाज कराने की विकराल समस्या उत्तपन हो गई है। राजधानी में ही 44 से अधिक अस्पतालों पर रोक है, पूरे प्रदेश में ये संख्या सैकड़ो से ऊपर है। आयुष्मान योजना से इलाज का निजी अस्पतालों को तत्काल भुगतान किया जाये।