बलौदाबाजार। जिले में पुलिस ने आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी चलाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और नेपाल के निवासी शामिल हैं। एसपी भावना गुप्ता ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 4 अप्रैल 2026 को भाटापारा रेलवे स्टेशन के पास आरोपी अजय बतरा को मोबाइल के जरिए लाइव आईपीएल मैचों पर सट्टा संचालित करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। उसके पास से एक मोबाइल, ₹5,780 नकद राशि और सट्टेबाजी से संबंधित स्क्रीनशॉट बरामद किए गए।
अजय बतरा के मोबाइल की तकनीकी जांच से “RUVIBET” पैनल आईडी का खुलासा हुआ। जांच आगे बढ़ाने पर पता चला कि इस आईडी के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के परवानू क्षेत्र में एक किराए के मकान से पूरे देश में ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था।
भाटापारा पुलिस की टीम ने हिमाचल प्रदेश पहुंचकर परवानू में दबिश दी और किराए के मकान से सट्टा ऑपरेशन का भंडाफोड़ कर 16 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए मुख्य आरोपी :
- अंकित राज (29 वर्ष, हिसार, हरियाणा)
- सदाम हुसैन (25 वर्ष, अंबिकापुर, छत्तीसगढ़)
- लवप्रित सिंह (26 वर्ष, पटियाला, पंजाब)
- अजिबुल रहमान (25 वर्ष, बैकुंठपुर)
- अनिकेत त्यागी (28 वर्ष, संभल, उत्तर प्रदेश)
- दीपक उर्फ दीपू चौहान (29 वर्ष, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश)
- रमन कुमार (37 वर्ष, पठानकोट, पंजाब)
- मुकेश सोनी (24 वर्ष, गौड़ा, उत्तर प्रदेश)
- राकेश कुमार (42 वर्ष, पठानकोट, पंजाब)
- मनु (24 वर्ष, पठानकोट, पंजाब)
- करणदीप सिंह (29 वर्ष, संगरूर, पंजाब)
- दीपक कुमार पौडेल (27 वर्ष, नेपाल)
- रितिक कुमार (24 वर्ष, पठानकोट, पंजाब)
- राहुल सरमाल (28 वर्ष, पठानकोट)
- शिवम (30 वर्ष, पठानकोट)
- गुलशन कुमार (30 वर्ष, पठानकोट, पंजाब)
बरामदगी : पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 लैपटॉप, 2 आईपैड, 48 मोबाइल फोन, 9 एटीएम कार्ड, 2 बैंक खाते और करीब 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी “RUVIBET” पैनल आईडी के जरिए Branch-08, Branch-27 और Branch-35 लिंक बनाकर पूरे भारत में ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। भाटापारा शहर थाना पुलिस की मजबूत सूचना तंत्र और तकनीकी जांच के कारण इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश संभव हो सका। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।