रायपुर में सूखे नशीले पदार्थों की सामग्री पर प्रतिबंध: भूपेश बघेल ने पूछा – केवल 2 महीने के लिए क्यों?

रायपुर। राजधानी रायपुर में सूखे नशीले पदार्थों (जैसे गांजा-चरस) के सेवन के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन और पर्फेक्ट रोल की बिक्री पर पुलिस आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश रायपुर नगरीय क्षेत्र में लागू किया गया है और यह 29 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा, यानी लगभग दो महीने की अवधि के लिए।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस आदेश पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए इसे “अजब-गजब आदेश” करार दिया। बघेल का कहना है कि इस प्रतिबंध से सरकार खुद स्वीकार कर रही है कि रायपुर में गांजा-चरस जैसे नशीले पदार्थों का बड़े पैमाने पर सेवन हो रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गांजा-चरस के सेवन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर रोक लगाना मूल समस्या का समाधान नहीं है। यह वैसा ही है जैसे शराब की खपत कम करने के लिए डिस्पोजेबल या कांच के गिलास और चखने की बिक्री पर ही प्रतिबंध लगा दिया जाए।

भूपेश बघेल ने आदेश की समय-सीमा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अगर सरकार नशे के खिलाफ गंभीर है, तो यह प्रतिबंध सिर्फ दो महीने (29 मार्च 2026 तक) के लिए क्यों लगाया गया? इसे स्थायी क्यों नहीं बनाया गया? आदेश में “यदि बीच में वापस न लिया गया” जैसी शर्त पर भी उन्होंने संदेह जताया और पूछा कि आखिर कौन इसे बीच में वापस ले सकता है। उन्होंने कहा कि नशा सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में इसकी गिरफ्त है। अगर सरकार वाकई गंभीर है तो मजबूत और स्थायी कदम उठाए जाएं, न कि मीडियाबाजी के लिए ऐसे अस्थायी आदेश जारी किए जाएं।

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