धमतरी। नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय 5 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता उर्फ लता उर्फ सोमारी ने पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। वह नगरी एरिया कमेटी की सदस्य और गोबरा एलओएस कमांडर के पद पर कार्यरत थी। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमावर्ती क्षेत्रों में संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाने वाली भूमिका को शासन की समर्पण नीति के तहत 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। साथ ही उसे पुनर्वास के सभी लाभ भी दिए जाएंगे।
मूल रूप से बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पुसनार की रहने वाली 37 वर्षीय भूमिका वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय थी। लंबे नक्सली जीवन के दौरान संगठन के भीतर भेदभाव, हिंसा की विचारधारा और परिवार से दूर रहने की मजबूरी ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया था। इन परिस्थितियों से तंग आकर उसने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, भूमिका ने शुरुआती प्रशिक्षण के बाद 2010 तक प्लाटून-01 में काम किया। फिर उसे ओडिशा राज्य कमेटी में भेजा गया, जहां 2011 से 2019 तक वह शीर्ष माओवादी नेता एवं सीसीएम संग्राम की सुरक्षा में तैनात रही। 2019 से 2023 तक सीनापाली एरिया कमेटी में सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभाई और सितंबर 2023 में गोबरा एलओएस कमांडर बनाई गई। हाल के दिनों में संगठन में सदस्यों की कमी के कारण वह नगरी एवं सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से सक्रिय थी।
अपने नक्सली करियर में भूमिका कई गंभीर मुठभेड़ों में शामिल रही। इनमें 2010 में ओडिशा के पड़कीपाली में हुई मुठभेड़ (जिसमें 8 नक्सली मारे गए), 2018 में बीजापुर के तिमेनार जंगल, 2023 में गरियाबंद के ताराझार जंगल, 2024 में धमतरी के एकावरी जंगल और 2025 में मांदागिरी जंगल में हुई मुठभेड़ें शामिल हैं। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं।